राजनीतिक पिंजरे के अपने सरकारी आवासों में बंद होकर रहे गये हैं मुलायम – अखिलेश
राजनीतिक पिंजरे के अपने सरकारी आवासों में बंद होकर रहे गये हैं मुलायम – अखिलेश
राजनीतिक पिंजरे के अपने सरकारी आवासों में बंद होकर रहे गये हैं मुलायम – अखिलेश
सत्ता से समाज बदल सकता तो महात्मा बुद्ध सत्ता छोड़कर झोंपड़ियों में डेरा नहीं डालते...
पैंथर्स सुप्रीमो भीमसिंह की मुलायम सिंह यादव व अखिलेश यादव को भारत के भविष्य के बारे में सोचने पर अपील ...
नई दिल्ली, 31 दिसंबर। नेशनल पैंथर्स पार्टी के मुख्य संरक्षक प्रो. भीमसिंह, जिनका जम्मू-कश्मीर में चुनाव चिन्ह साईकिल है और उनका सम्बंध मुलायम सिंह यादव से हेमवती नंदन बहुगुणा के समय से ही रहा है, ने मुलायम सिंह और उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक देश में राजनीतिक और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ देश के भविष्य के बारे में सेाचने की अपील की है।
प्रो. भीमसिंह ने कहा है कि उन्होंने लखनऊ में 18 दिसंबर, 2016 को दोनों को मिलने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे, इससे प्रतीत होता है कि ये राजनीतिक पिंजरे के अपने सरकारी आवासों में बंद होकर रहे गये हैं।
प्रो. भीमसिंह ने मुलायम और अखिलेश को याद दिलया कि उत्तर प्रदेश को कौरव राजनीतिज्ञों. द्वारा कुरुक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें समाजवादी पार्टी और बाकी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिज्ञों की बहुत अहम भूमिका है, जिसमें कौरवरूपी शासकों को शिकस्त देना बहुत आवश्यक है, राष्ट्रीय एकता, उन्नति और मजबूती के लिए। सभी धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील राजनीतिक दलों को एक साथ एक मंच पर होना अत्यंत आवश्यक है।
प्रो. भीमसिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी जोरदार अपील की है कि ताकि वे भी अपनी भूमिका बड़ी सूझबूझ और भविष्य को मद्देनजर रखते हुए तय करें और भविष्य जुड़ा है भारत के लोकतंत्रवाद से, सिर्फ जजबात और नारों से राजनीति की मंजिल तय नहीं होती।
उन्होंने कहा कि युवा, ऊर्जावान और दूरदर्शी सोच वाले अखिलेश यादव को आज नहीं कल के बारे में सोचना अत्यंत आवश्यक है। सत्ता ही देश को आगे लेजाने का रास्ता नहीं है। उन्होंने महात्मा बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता से समाज बदल सकता तो महात्मा बुद्ध सत्ता छोड़कर झोंपड़ियों में डेरा नहीं डालते।
उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे मुलायमसिंह जी के साथ बैठकर खुले दिल से बात करें और मुलायमसिंह जी से भी अनुरोध किया है वे अखिलेश यादव को विश्वास में लेकर उत्तर प्रदेश को मजबूत धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाकर पूरे भारत का नेतृत्व करने के लिए तैयार करें।
प्रो. भीमसिंह ने मुलायमसिंह से आग्रह किया कि वे अखिलेश यादव को उसी तरह विश्वास में लें, जिस तरह श्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने मुलायमसिंह यादव को लिया था। प्रो. भीमसिंह ने कहा कि उस नए भारत की रचना अभी बाकी है, जिसका सपना अतीत में गांधी, सुभाषचंद्र बोस, नेहरू, बाल गंगाधर तिलक इत्यादि नेताओं ने देखा था। उत्तर प्रदेश में सभी धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और ईमानदार राजनीतिक दलों को एकजुट होकर एक मंच से उन शक्तियों को सत्ता में आने से रोकना है, जो देश में उपद्रव करना चाहते हैं, देश को जात, बिरादरी, धर्म इत्यादि के नाम से बांटना चाहते हैं।
प्रो. भीमसिंह ने कहा कि इस समय विश्व-शांति, उन्नति और अस्थिरता के लिए एक नए आंदोलन की आवश्यकता है, जो भूमिका भारत ही निभा सकता है और इसीलिए एक नई सोच की जरूरत है।
प्रो. भीमसिंह ने मुलायमसिंह और अखिलेश यादव के नाम पर हिन्दी में व्यक्तिगत पत्र भी भेजे हैं और उनका विश्वास है कि मुलायम सिंह जी अखिलेश जी को साथ बैठाकर बंद कमरे में करेंगे, सारे मुद्दे तय।


