रामपाल परियोजना-बांग्लादेश में भारत का विरोध
रामपाल परियोजना-बांग्लादेश में भारत का विरोध
बांग्लादेश से लोकर्कर रोमा की रिपोर्ट
भारत और बांग्लादेश के जनांदोलनों द्वारा सुंदरबन को बचाने की संयुक्त पहल
बांग्लादेश में रामपाल विद्युत परियोजना के खिलाफ संघर्ष में समर्थन-सहयोग
भारत और बांग्लादेश में फैले हुए सुंदरबन को और वहां के अमूल्य संसाधनों को बचाने के लिए एक बार फिर दोनों देशों के जनांदोलनों द्वारा दक्षिण एशिया में जनतांत्रिक संघर्ष के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। यह घोषणा 11 सितंबर भारतीय वरीय समाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा की, जो अभी हाल ही में बांग्लादेश में वहां के वामपंथी संगठनों द्वारा आए, जो अभी हाल ही में बांग्लादेश में वहां के वामपंथी संगठनों द्वारा आए हैं।
बांग्लादेश की तेज, गैस, खनिज संपदा, उर्जा व बंदरगाहों को बचाने के लिए गाइड रहा है।
यह लैंग मार्च देश की राजधानी ढाका से 10 मार्च 2016 को शुरू हुई थी जो कि 250 किलोमीटर का सफर तय करके सुंदरबन के दरवाजे पर काठाली मोड़, बागेरहाट जिलामें जाकर समाप्त हुई। इस लैंग मार्च में हजारों की तादाद में आंदोलक शामिल हुए जिसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी युवाओं ने की।


