राम नाईक की पुस्तक ’’चरैवेति!चरैवेति!! का लोकार्पण किया हामिद अंसारी ने
राम नाईक की पुस्तक ’’चरैवेति!चरैवेति!! का लोकार्पण किया हामिद अंसारी ने
नई दिल्ली: 09 नवम्बर 2016
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक ’’चरैवेति!चरैवेति!! का लोकार्पण आज दिनांक 09.11.2016 को भारत के उपराष्ट्रपति मो. हामिद अंसारी के कर कमलों द्वारा राष्ट्रपति भवन के सभागृह में किया गया।
इस पुस्तक के हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू एवं गुजराती भाषांतर संस्करणों का लोकार्पण किया गया।
उप राष्ट्रपति मो. हामिद अंसारी ने राज्यपाल राम नाईक की पुस्तक को राष्ट्र के नाम समर्पित करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि श्री नाईक ने अपना पूरा जीवन पार्टी के लिए कार्य करते हुए एवं समाज की सेवा के लिए महत्वपूर्ण योगदान करने में अर्पित किया तथा इनके द्वारा रचित पुस्तक समाज के विभिन्न वर्गो को अवश्य लाभांवित करेगी।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी द्वारा अपने सम्बोधन में भी श्री नाईक की पुस्तक ’’चरैवेति!चरैवेति!! के लेखन की सहराना करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से समाज के विभिन्न वर्गो को एक नया अवसर मिलेगा।
’’चरैवेति!चरैवेति!! पुस्तक मूल रूप में मराठी भाषा में है जो कि लगातार एक साल तक मराठी दैनिक समाचार पत्र ’’सकाल’’ में प्रकाशित की गई।
श्री नाईक के संस्मरणों पर आधारित इस पुस्तक में रंगीन चित्र भी हैं।
इस पुस्तक में श्री नाईक ने अपने बचपन में शिक्षा ग्रहण करने से लेकर राजनीति में आने तक का अपना अनुभव लिखा है। पुस्तक में मुम्बई का नेतृत्व करते हुए लगातार आठ बार चुनाव जीतने का कीर्तिमान भी स्थापित करने का जिक्र है।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्यपाल श्री नाईक ने जनहित के काम के माध्यम से अपनी अमिट छाप छोड़ी और अपनी एक अलग पहचान बनाई। दूसरों को अवसर देकर आगे बढाने की अपनी इस इच्छा को जताया और राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा की।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि श्री नाईक ने जनसेवा के साथ-साथ सरकार में किए गये कार्यो और वर्तमान में नियुक्त होने तक के अपने अनुभवों को बखूबी वर्णित किया है।
इस समारोह में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की मौजूदगी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, केन्द्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री, वेंकैया नायडू एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद शरद पवार भी समारोह में उपस्थित थे।
पुस्तक ’’चरैवेति!चरैवेति!! का हिन्दी अनुवाद श्रीमती कुमुद संघवी चावरे द्वारा किया गया। यह संस्करण 268 पृष्ठों का है इस पुस्तक का अंग्रेजी अनुवाद दिलीप चावरे द्वारा किया गया है। इस संस्करण में 344 पृष्ठ है। ’’चरैवेति!चरैवेति!! का उर्दू अनुवाद लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. अब्बास रजा नैयर द्वारा तथा प्रस्तावना उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एंव वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. अम्मार रिजवी ने लिखी है इस संस्करण के भी 344 पृष्ठ है।
संस्मरण का गुजराती अनुवाद श्रीमती नीला बेन सोनी द्वारा किया गया है तथा प्रस्तावना जय वसावडा द्वारा लिखी गयी है। इस संस्करण के पृष्ठों की संख्या 260 है।
अन्त में राज्यपाल राम नाईक ने सभी विशिष्ठ अतिथियों का अभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया।
#PresidentMukherjee received copies of book ‘CHARAIVETI, CHARAIVETI’, written by Shri Ram Naik, Governor of UP at Rashtrapati Bhavan today pic.twitter.com/EgqxREZHTd
— President of India (@RashtrapatiBhvn) November 9, 2016


