JDU doesn’t like Modi’s Offer

रविवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के बाद अपने मंत्रिमंडल में तीसरा बड़ा फेरबदल किया, लेकिन उससे पहले सहयोगियों के साथ मंत्री पद को लेकर पेंच फंस गया। शिवसेना और हाल ही में नई-नई साथी बनी जदयू बीजेपी से खासे नाराज हैं। सूत्रों के मुताबिक जदयू को बीजेपी का ऑफर नामंजूर था।

सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के साथ साठ-गांठ करने वाली जदयू मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर खुश नहीं थी।कहा जा रहा है कि बीजेपी ने जदयू के सामने कैबिनेट में एक मंत्री पद और एक राज्यमंत्री का प्रस्ताव रखा।लेकिन मंत्रियों की संख्या और पोर्टफोलियो को लेकर बीजेपी और जदयू के बीच खींचतान चलती रही।

जदयू को लगता है कि उनकी तुलना रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से नहीं की जा सकती, जिन्हें एक कैबिनेट पद मिला हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक एनडीए का जदयू में विलय होने के बाद नीतीश को लगता है कि जदयू किसी बड़े पद की हकदार है और उसे कैबिनेट में कोई बड़ा पद दिया जाना चाहिए।

कहा जा रहा है कि जदयू मोदी मंत्रिमंडल में कोई रेलवे जैसे रुतबे वाला पोर्टफोलियो चाहता था।

आपको बता दें कि खुद नीतीश कुमार रेल मंत्री रह चुके है। बिहार से रामविलास पासवान और लालू प्रसाद यादव को भी रेल मंत्रालय सौंपा गया है। ऐसे में जदयू की मंशा बिल्कुल साफ है कि वो छोटे-मोटे पद से खुश नहीं होने वाली।

दूसरी ओर जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने भी कैबिनेट में शामिल होने का निमंत्रण ना मिलने का बयान देखकर साफ तौर पर नाराजगी जाहिर की।

अब देखना होगा कि कैबिनेट में शामिल होने के इरादे से एनडीए के साथ विलय करने वाली जदयू को कौन सा पद मिलता है।