रिहाई मंच ने उप्र विधानसभा का मानसून सत्र बुलाए जाने के सम्बन्ध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा
रिहाई मंच ने उप्र विधानसभा का मानसून सत्र बुलाए जाने के सम्बन्ध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा
रिहाई मंच ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुलाए जाने के संबन्ध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है जो इस प्रकार है —
सेवा में, दिनांक- 2 जुलाई 2013
महामहिम राज्यपाल
उत्तर प्रदेश लखनऊ
विषय- उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुलाए जाने के संबन्ध में।
महोदय,
उत्तर प्रदेश की मौजूदा सपा सरकार में प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे, हत्या लूट, पुलिस अभिरक्षा में हत्या, बलात्कार, धार्मिक संपत्तियों पर राजनीतिक रसूख वाले विधायकों व मंत्रियों द्वारा अवैध कब्जा आम बात हो गई है। प्रदेश में कानून का राज खत्म होकर जंगल राज में तब्दील हो गया है। इन्हंी सब मांगों को लेकर दिनांक 22 मई 2013 से रिहाई मंच व अन्य संगठन दिनांक 19 मई 2013 मुकदमा अपराध संख्या 295/13 धारा 302, 120 आईपीसी के तहत मौलाना खालिद मुजाहिद हत्या के संबध में दर्ज मुकदमें के अभियुक्त पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी, निमेष आयोग की रिपोर्ट पर एक्शन करते हुए दोषी पुलिस व आईबी अधिकारियों पर कार्यवाई, आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों को छोड़ने, व 2000 के बाद प्रदेश में हुई तमाम आतंकी वारदातों की पुर्नविवेचना समेत 14 मांगों को लेकर पिछले 42 दिनों से अनिश्चिकत कालीन धरने पर बैठे हैं। इन सबके बावूजूद उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा का मानसून सत्र बुलाने की घोषणा नहीं कर रही है। जबकि आमतौर पर मानसून सत्र जून माह में बुलाया जाता है और जनता की समस्याओं पर चर्चा की जाती है।
अतः महोदय आपसे अनुरोध है कि आप अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा का मानसून सत्र बुलाए जाने को सरकार को निर्देशित करें। जिससे उपरोक्त समस्त समस्याओं पर सरकार विधान सभा में चर्चा करवाकर मसायल को हल करे।
द्वारा- मोहम्मद शुएब, मोहम्मद सुलेमान, डा0 अली अहमद कासमी, सैयद मोइद अहमद, एहसानुल हक मलिक, शिवनारायण कुशवाहा, सुधीर सिंह, शिब्ली बेग, जैद अहमद फारुकी, मकसूदुल हक, रिजवान अहमद, शहनवाज आलम, राजीव यादव।


