रोजगारों के अवसरों की जानकारी के लिए करिअर फेयर आवश्यक- प्रो. मिश्र
रोजगारों के अवसरों की जानकारी के लिए करिअर फेयर आवश्यक- प्रो. मिश्र
पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी ऑफ इंडिया,वर्धा चैप्टर आयोजित एजूकेशन एवं करिअर फेयर का उद्घाटन
वर्धा 22 जून 2014: बदलते परिदृश्य में अनेक प्रकार की शिक्षा और रोजगारों के अवसर बढ़ रहे हैं। ऐसे समय शिक्षा और अवसरों को पहचानने की आवश्यकता है। छात्रों को उनके मुताबिक शिक्षा और रोजगारों के अवसरों की जानकारी देने के लिए एज्युकेशन एवं करिअर फेयर जैसे आयोजनों से छात्रों एवं उनके अभिभावकों को लाभ मिलेगा। रिेलेशन्स सोसायटी के द्वारा आयोजित फेयर के माध्यम से वर्धा तथा आसपास के छात्रों को अवसरों को पहचानने का मौका मिलेगा।
उक्त उदगार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने व्यक्त किए। वे वर्धा स्थित सत्यनारायण बजाज सार्वजनिक वाचनालय में पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी ऑफ इंडिया, वर्धा चैप्टर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय (दि. 20-22) एज्युकेशन एवं करिअर फेयर के उदघाटन के अवसर पर शुक्रवार को समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। समारोह में अपर जिलाधिकारी संजय भागवत, पीआरएसआई, वर्धा चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार राय, समाजसेवी प्रदीप दाते, जिला सूचना अधिकारी अनिल गडेकर मंचासीन थे।
प्रो. मिश्र ने कहा कि शिक्षा हमारी आजीविका का माध्यम बना है। आज के समय में कई्ं प्रकार की शिक्षा के द्वारा खुल गये है। ऐसे में कौन सी शिक्षा हमारे लिए उपयोगी और कारगर साबित होगी इसका चयन करना मुश्किल हो गया है। चयन की सही दिशा देने के लिए एज्युकेशन और करिअर फेयर जैसे आयोजन कारगर और प्रभावी माध्यम हो सकते हैं। हमारे सामने अनेक विषय है जिसमें छात्र अपना रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। आज रोजगार तलाशने में समय, ऊर्जा और शक्ति व्यर्थ हो जाती है। योग्यता और कौशल का विकास हो तो कोई भी छात्र अपने जीवन में सफल हो सकता है। इसके लिए उसे सही समय परामर्श और सलाह की आवश्यकता होती है। समय पर उसे इन बातों की जानकारी हो तो वह आगे बढ़ सकता है। पीआरएसआय के इस आयोजन से परिसर के छात्रों को एक अच्छा अवसर मिल सकता है। उन्होंने शिक्षा संस्थानों के साथ स्वयं-रोजगार प्रदाता संस्थाओं से आग्रह किया कि वे इस प्रकार के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले ताकि उनके संस्थान में दी जा रही शिक्षा की जानकारी छात्रों को हो सकें।
अपर जिलाधिकारी संजय भागवत ने उदघाटन पर वक्तव्य में कहा कि दसवी और बारहवीं के बाद किस विषय की पढ़ाई करनी चाहिए इसकी जानकारी ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्राप्त हो सकती है। केंद्र सरकार ने अपनी नीति में कौशल विकास पर अधिक बल दिया है ताकि अपेक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हों। राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के माध्यम से 1500 मॉड्यूल की शिक्षा दी जा रही है, जिससे रोजगार के अनेक अवसर छोटे-छोटे गांवों में भी उपलब्ध हो सकेंगे। छात्रों को चाहिए कि वे अपने भीतर के कौशल और हुनर विकसित करने की ओर अधिेक ध्यान दें।
कार्यक्रम में पीआरएसआई वर्धा चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि वर्धा एक एजूकेशन हब बना है। यहां सभी विषयों का अध्ययन अध्यापन हो रहा है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के साथ वर्धा में इंजीनियरिंग और मेडिकल के भी महाविद्यालय मौजूद है। वैसे तो यहां रोजगार की अपार संभावना है, परंतु उसकी तुलना में उद्योग जगत के लिए अपेक्षित मानव संसाधन का अभाव है। पीआरएसआई उद्योग, शिक्षा संस्थान और छात्रों के बीच एक सेतु का काम करना चाहती है जिससे तीनों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकें। उन्होंने पीआरएसआई के अनेक समाज उपयोगी उपक्रमों की जानकारी अपने वक्तव्य में दी।
समारोह का प्रारंभ उपस्थितों द्वारा दीप-प्रज्ज्वलन कर किया गया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत प्रफुल्ल दाते, डॉ. अनवर अहमद सिद्दीकी, विनेश काकडे ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया। समारोह का प्रास्ताविक एवं भूमिका पीआरएसआई के सचिव बी. एस. मिरगे ने रखी। संचालन संजय इंगले तिगांवकर ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रफुल्ल दाते ने प्रस्तुत किया। इस आयोजन में शहर के विभिन्न महाविद्यालयों, टयुटोरिएल्स, विज्ञापन निर्माता आदि ने सहभागिता की। इस अवसर पर महाविद्यालयों के प्राचार्य, अभिभावक, प्रबुद्ध नागरिक, छात्र उपस्थित थे।


