अयोध्या। ‘अयोध्या की आवाज़’ द्वारा चर्चित शीश पैगंबर तोड़फोड़ एवं छात्र दानिश की हत्या मामले पर सरयूकुंज मंदिर में ‘जनपंचायत’ आयोजित की गयी। जिसकी अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता महंत युगलकिशोर शरण शास्त्री ने की। इस पंचायत में जिला प्रशासन द्वारा श्री शास्त्री की गिरफ्तारी पर तीखी शब्दों मे निन्दा की गयी। वक्ताओं ने कहा कि कल अचानक हुयी शास्त्री को जिस नाटकीय तरीके से हिरासत में लिया गया जो बेहद शर्मनाक है। प्रशासन ने शास्त्री की गिरफ्तारी को अमन के लिये खतरा बताया था जो कि बेहद हास्यापद है, क्योंकि महंत युगलकिशोर शरण शास्त्री 23 वर्षों से अयोध्या सहित पूरे देश मे सद्भाव की मुहिम मे सक्रिय रहे हैं। जनपंचायत मे मौजूद अयोध्या-फ़ैज़ाबाद के न्यायप्रिय अवाम ने एक स्वर मे कल साजिशन इस घटना को लोकतन्त्र की हत्या बताया।
पंचायत में आज मुख्य रूप से अधिवक्ता जमाल अहमद ने कहा की शीश पैगंबर मज़ार तोड़फोड़ एवं छात्र दानिश की हत्या का सही खुलासा सीबीआई जांच द्वारा ही सम्भव है। हिलाल कमेटी के चेयरमैन ख़ालिक़ अहमद खान ने की कहा कि जिन दो लोगों को जेल भेजा गया है, वे निर्दोष प्रतीत होते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता विनीत मौर्य ने कहा कि शास्त्री जी की गिरफ्तारी मानवाधिकार का सरासर उल्लंघन है। इस मामले मे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,दिल्ली में एक प्रतिनिधिमण्डल मुलाक़ात करेगा। सियाराम विनोदिया ने कहा कि शीश पैगंबर की घटना यहाँ की गंगा-जमुनी तहज़ीब को तोड़ने की असफल कोशिश की गयी। पंचायत की अध्यक्षता करते हुये युगलकिशोर शरण शास्त्री ने आगामी 16 जनवरी को जिला मुख्यालय पर महापंचायत करने के उपस्थित लोगों के प्रस्ताव का समर्थन करते हुये कहा की इस महापंचायत मे देश की विभिन्न हिस्सों के मानवाधिकार कार्यकर्ता शिरकत करेंगे। आगामी महापंचायत की अद्यक्षता रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित डा संदीप पांडे करेंगे। जनपंचायत मे दिनेश कुमार, गयापाल, मोहम्मद अनीस, जलाल सिद्दीकी, मोहम्मद तुफ़ैल, जीशान, बिस्मिल्लाह, शाह आलम, मोहम्मद सलीम, राजेश श्रीवास्तव, पुष्पा तिवारी, होसीला प्रसाद, राम दुलारी, प्रेमनाथ आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।