सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के नाम पर साम्राज्यवाद को स्थापित किया जा रहा है
धार्मिक नहीं होते साम्प्रदायिक लोग
19 सितम्बर 2013 से 2 अक्टूबर 2013 तक मना अमन पखवाड़ा
अयोध्या। अयोध्या की 84 कोसी पराम्परागत परिक्रमा के संयोजक गया दास ने कहा है कि विश्व हिन्दू परिषद की 84 कोसी परिक्रमा एक राजनीतिक षडयंत्र थी। अवध पीपुल्स फोरम और अयोध्या की आवाज के साझे प्रयास से 19 सितम्बर 2013 से 2 अक्टूबर 2013 के बीच फैजाबाद और अम्बेडकरनगर के विभिन्न हिस्सो मे अमन पखवाडे के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 19 सितम्बर 2013 को सरयूकुन्ज, अयोध्या में “साम्प्रदायिकता : बुनियादी जरूरतें और उभरती चुनौतियाँ” विषय पर परिचर्चा के माध्यम से पखवाडे़ को शुरूआत की गई।

परिचर्चा में मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद डॉ. रघुवंशमणि त्रिपाठी ने कहा कि “आज हम संसाधन से परिपूण होते जा रहे हैं फिर भी धार्मिक अंधता और सांप्रदायिकता हमारे समाज में तेजी से वैमनस्य पैदा कर रही है। धार्मिक होना कोई असहज बात नहीं है, धर्म लड़ना नहीं सिखाता। धर्म का राजनीति में प्रयोग मुख्य मुद्दों से हटाकर भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के नाम पर साम्राज्यवाद को स्थापित किया जा रहा है। जिससे हमें लगातार हर स्तर पर संघर्श करने की आवश्यकता है।”

अयोध्या के व्यापारी नेता नंद कुमार गुप्ता ने कहा कि “अयोध्या 1990 के दशक से पूर्व सद्भाव की नगरी थी। उसके बाद से षासन और सत्ता के खेल ने यहाँ के हालात और कारोबार को खराब किया। अयोध्या का कारोबार बिल्कुल बंद कर दिया जाता है। अभी 84 कोसी परिक्रमा के मद्दे नज़र शहर को चारों तरफ से सील कर दिया गया। जिससे यहाँ बाहर से आम धार्मिक विष्वास रखने वाले “डर” के मारे आ नही पा रहे है और यहाँ कोई अन्य कारोबार भी नहीं शुरू हुआ है। इस मंदिर-मस्जिद की वजह से अयोघ्या का विकास और कारोबार रूक सा गया हैं। अयोध्या में 80% ऐसे लोग है तो रोज कमाते और रोज खाते है।”

वाराणसी की सामाजिक कार्यकर्ता मुनिजा खान ने कहा कि साम्प्रदायिक लोग धार्मिक नहीं होते। साम्प्रदायिक माहौल में महिलाओं पर सबसे अधिक उत्पीड़न होता है। उनके विकास में धार्मिक अंधता बहुत आधात पहुँचाती है।

अयोध्या की 84 कोसी पराम्परागत परिक्रमा के संयोजक गया दास ने कहा कि “सभी अपने-अपने धर्मो को मानते हैं। न्याय पालिका एक मंदिर है। यदि हम उनके विचार को नहीं मानते हैं तो वह नास्तिक है। उनके 84 कोसी परिक्रमा का कार्यक्रम एक राजनीतिक षडयंत्र था। इसका मकसद था कि जगह-जगह पर भड़काऊ भाषण देना। भाजपा ने फिर 1990-1992 की घटना को दोहराने की साजिश किया है। इससे गरीब व्यक्ति परेशान होते है। हमें इसका राजनीतिक शिकार नहीं होना चाहिए”।

परिचर्चा में आए सभी लोगों से अमन पाखवाड़े में शामिल होने के साथ “अमन अपील” का वितरण करते हुए आग्रह किया गया कि वह अपने-अपने मोहल्लों में अपील का वितरण करे।

अयोध्या, फैजाबाद, टाण्डा, अम्बेडकरनगर आदि विभिन्न स्थानों पर “अमन अपील” पर्चा वितरण, लोक वार्ता, जन सम्पर्क, बैठक, गोष्ठी, परिचर्चा आदि के माध्यम से आवाम के अमन चैन और साझी संस्कृति के मुख्य बिन्दुओं को उठाया गया। शान्ति और विकास की रूपरेखा को रेखाकित करने का एक साझा प्रयास हुआ।

23 सितम्बर, 2013 को फैजाबाद के फाब्स इन्टर कालेज, दरसगाह इस्लामिक इन्टर कालेज और रेडियंस स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ अमन पखवाडे के टीम के सदस्य युगलकिशोर शास्त्री ने विस्तार से अमन के मुद्दे पर चर्चा की साथ ही शहर में पिछले साल की भाॅति इस साल किसी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा न हो की अपील की। सभी बच्चों को अमन अपील वितरित किया गया। यह भी आग्रह किया गया कि वो इस अपील को ध्यान पूर्वक पढ़े और अपने अन्य साथियों को भी पढ़ने के लिए दे। इस दिन पखवाड़े में शाह आलम, आलोक निगम और आफाक शामिल रहे।

30 सितम्बर, 2013 को “अमन पखवाड़ा” के तहत नेशनल ब्रेन्स एकेडमी, मिर्जापुर में एकेडमी के प्रबन्ध इस्लाम सालिक की अध्यक्षता में विद्यालय के बच्चों के साथ अमन के मुद्दे पर चर्चा करते हुए अमन अपील कर वितरण किया गया। ए. आई. टी. इण्टर कालेज, जगनपुर में बच्चों के साथ अपनी बात रखते हुए युगल किशोर शरण शास्त्री ने कहा कि बच्चे हमारे समाज का भविश्य है और इन्ही को वतन बनाना है।

अपने समाज में ऐसे कामों को आगे बढ़ाना चाहिए, जिससे “अमन” का माहौल बने और विकास के रास्ते खुले। इसी कड़ी में आफाक ने कहा कि हमारा समाज बनाने से बनेगा। इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा। भविष्य बनाने के साथ समाज और अपने शहर के बारे में भी विचार करने की आवश्यकता है। अन्यथा आज जिस तरह बुनियादी सवालों से दूर सामाजिक विघटन के मुद्दे मुखर हो रहे हैं। उसे सभाल पाना सम्भव नहीं हो पायेगा। रूदौली बाजार में सामाजिक कार्यकर्ता और अरविंद पुस्कालय के प्रबन्धक के. एन. तिवारी और शिक्षक कमलेश कुमार मिश्रा की अगुवाई में अमन अपील वितरण और जन सम्पर्क किया गया। साथ ही सोहावल चौराहा, अरकुना चौराहा, भेलसर चौराहा, अमानीगंज बाजार, मिल्कीपुर बाजार, और इनायतनगर में अमन अपील वितरण और लोगों से जन सम्पर्क किया गया। अमन पखवाड़ा टीम में साथी आषीश कुमार, अब्दुल लतीफ, और इमरान सिद्दीकी शामिल रहे।

1 अक्टूबर 2013 को अमन की टीम ने जसपता देवी औधोगिक प्रषिक्षण संस्थान, नउवा कुवा, बारून से जन सम्र्पक और अमन अपील वितरण का कार्यक्रम शुरू किया गया। एम. एम. लशकरी एकेडमी-महेदौना में बच्चों के साथ पखवाड़े के साथियों ने विस्तार से अमन और इन्सानियत के मुद्दे पर चर्चा की और बच्चों को अमन अपील वितरण किया गया। साथ ही बारून चौराहे, शैतानगंज चौराहे, शाहगंज बाजार और भदरसा बाजार में अमन अपील वितरण के साथ जन संपर्क किया गया। लश्करी प्रीपेटरी स्कूल भदरसा और एच. यू. लश्करी एकेडमी-जमूरतगंज, मसौधा में बच्चों के साथ विस्तार से पाखवाडे़ के साथियों ने अमन के मुद्दे पर चर्चा की।

राजेष वर्मा, उमाकंत विष्वकर्मा और विनोद सिंह की अगुवाई में इटौरा चौराहा, अकवारा चौराहा और कर्मा कोड़री चौराहे पर जनसम्पर्क और अमन अपील का वितरण किया गया। आज के दिन पखवाड़े में तुफैल अहमद, मो0 शमीम, विष्णुप्रताप सिंह, युगलकिशोर शरण शास्त्री, मो0 नाजिम और आफाक शामिल रहे।

2 अक्टूबर 2013 को शंकरगढ़ बाजार, पूरा बाजार, मया बाजार, गोसाईगंज बाजार और अकबरपुर में अमन अपील का वितरण करते हुए जन सम्पर्क किया गया और लोगों से सद्भाव बनाने की अपील की गई। यूनिक पब्लिक स्कूल परिवार और विद्यार्थिओं की ओर से गाँधी जयंती के अवसर पर अकबरपुर शहर से टाण्डा को आने वाले रास्ते में पढ़ने वाले बड़े-बड़े गढ्ढों की मरम्मत का काम श्रम दान के माध्यम से किया गया।

इस सड़क पर कई दुर्घटनाएं हुई है। भविष् में दुर्घटनाओं को रोकने और रास्ते को साफ करने के उद्देश्य से बच्चों ने दिन भर श्रम दान किया। जिसमें अमन पखवाड़ा के साथी भी शामिल हुए। मेडिकल कालेज, टाण्डा के सामने एक अमन सभा का भी आयोजन किया गया। जिसके तहत पखवाडे के साथ अमन और सद्भाव के अनुभव को साझा किया। युगलकिशोर शरण षास्त्रों ने कहा कि बच्चों का झगड़ा बहुत कम समय के लिए होता है पर जब बड़े झगडते है तो आपस में बात करना सम्भव नहीं हो पाता है। हमें बच्चों से प्ररेणा लेकर काम करने की आवश्यकता है। यदि आप मंदिर बनाते है तो उसमें सिर्फ हिन्दू जाएगा, आप मस्जिद बनाते है तो उसमें सिर्फ मुसलमान जाएंगे। लेकिन आप बच्चों ने सड़कों को बनाने का काम किया है और सड़क पर दोनो साथ जाएंगे। इसलिए समाज को और हमें आप से प्रेरणा लेकर सीखने की आवश्यकता हैं।

स्कूल प्रबन्धक मोईनुदिन ने कहा कि आज बच्चों ने गांधी जी के आर्दशों को अपनाते हुए अपने श्रम से सड़क की मरम्मत कर एक उदाहरण बड़ो के सामने प्रस्तुत किया है जिससे हमे सीखने की आवश्यकता है। ईदगाह, टाण्डा के निकट स्थानिए साथियों ने एक विचार गोश्टी का आयोजन किया। रामजी राम यादव ने कहा कि हमें अमन बनाने के लिए हर समय सर्तक रहने की आवश्यकता हैं। अपने आस-पास लोगों से लगातार विमर्श करते रहना चाहिए और जहाँ कही भी अप्रिय घटना होने की सम्भावना हो, तत्काल प्रशासन और जिम्मेदार लोगों को खबर देना चाहिए।

उमाकांत विश्वकर्मा ने कहा कि हमको सद्भाव पर काम करने कि आवश्यकता क्यों पड़ी, हमारे समाज में तो साझी-संस्कृति है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक हमने मिलकर संघर्ष किया और अंग्रेजों की दासता से मुक्ति दिलाई। लेकिन आज चंद फिरकापरस्त ताकतों ने माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया है। हम सभी को मिलकर शांति के लिए काम करने की जरूरत है तभी हम एक बेहतर देश बना पाएंगे। विनोद सिंह ने कहा कि आज जरूरत है कि आम बुनियादी सवालो पर बात हो, जनता दिन प्रतिदिन अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए असमर्थ होती जा रही है। ऐसे समय में सांम्प्रदायिकता के सवाल और माहौल को खड़ा कर जन सवालों को भ्रमित करने का काम हो रहा है। इसलिए हमें स्थानीय रिश्तों को बेहतर बनाते हुए साझे प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए शाह आलम ने कहा कि हमारा समाज मिलकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता हैं। अवध तो साझी विरासत और साझे संघर्षों का केन्द्र रहा है। इसलिए हमे इस दिशा में लगातार काम करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक आमिर जलाल ने कहा कि युवा साथियों का लगातार टाण्डा में अपने शहर और स्थानीय स्तर पर काम करने की सोच बेहतर है। अगर हम आपसी विमर्श से समस्याओं के समाधान की ओर आगे बढे़गे तो सांम्प्रदायिकता पर रोक के साथ बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिषा में आगे बढ़ सकते है। हमंे लगातार स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने और संगठन निर्माण की प्रक्रिया में आगे बढ़ना होगा। जिससे मोहल्ले की समस्याओं के साथ शहर के माहौल को सामूहिक प्रयास के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष्ता करते हुए स्थानीय स्वास्थ्य सेविका अनारा देवी ने कहा कि ऐसे प्रयास सार्थक है और अमन पखवाडें के साथियों को धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। पखवाड़ें के तहत 15 हजार अमन अपील का वितरण करते हुए पिछले साल जिन स्थानों पर दुर्गा विसर्जन के समय सांम्प्रदायिक हिंसा हुई वहाॅ लोगों से संवाद बनाकर अमन बनाए रखने की अपील की।

अमन पखवाड़ा अयोजन समितिः युगलकिषोर षरण षास्त्री, षाह आलम, विनोद कुमार, गुफरान सिद्दीकी, अषीश कुमार, आलोेक निगम, आफाक, मो0 तुफैल, दीपक कुमार, मो0 अफजाल और आमिर जलाल।