पॉलिथीन

प्लास्टिक की थैलियां
रंग-बिरंगी आकर्षक थैलियां
सामान लाने-ले जाने में
काम दिन भर आती थैलियां।

हमारे इस पर्यावरण को
नुकसान पहुंचाती थैलियां
थैली को जब गाएं खाएं
फिर तो वो मर ही जाएं।

अपने आप नहीं नष्ट होती
नाले-नालियां बंद कर देती
आओ एक अभियान चलाएं
पॉलिथीन को हम सब भगाएं।

हम बच्चे जिद पर अड़े हैं
पॉलिथीन से भिड़े हैं
कल हमारा हो सुंदर
यही प्रण लिए खड़े हैं।

मित्रता का बिगुल बजाएं

दिन भर आंगन में आते
आवाजें मोहक निकालते
हम इंसानों से होते
हमसी बातें करते पक्षी।

अगर पक्षियों को देखना चाहें
अल सुबह उठ ही जाएं
सुबह से ही शुरू हो जाती
इनकी चीं-चीं काएं-काएं।

राष्ट्रीय पक्षी हो मोर अगर
तो दर्जी भी गौरैया है
बाज है अपना शक्तिशाली
प्यारी लगती सोनचिरैया है।

कठफोड़वा लकड़ी काट कऱ
लकड़हारा कहलाता है
बया हमसा ही बुनती
गिद्ध सफाई कर्मचारी है।

दाना-पानी रख कर
वर्ड हाउस भी बनाएंगे
फल के पेड़ लगा कर
मित्रता का बिगुल बजाएंगे।

नीम का पेड़

सीढ़ि‍याँ चढ़ कर आया मैं ऊपर
खुली थी खिड़कियाँ हवा
आ रही थी फर-फर
झांका जब बाहर
दिखा एक लहराता पेड़।

सुन्दर था
स्वस्थ था
चिड़ि‍यों का घर था।
चहकती थी चिड़ि‍या
फुदकती थी चिड़ि‍या
गाती थी चिड़ि‍या
खुश था नीम का पेड़।

आया पतझड़
उड़ गए पत्ते
रह गई डालियाँ
नहीं रही छाया
नहीं रही शीतलता
तब भी...
चहकती थी चि‍ड़ि‍या
गाती थी चि‍ड़ि‍या
और...
खुश था नीम का पेड़।