वृंदावन में नास्तिक सम्मेलन को रद्द करने जुटा प्रशासन, छापेमारी, रास्ते सील
वृंदावन में नास्तिक सम्मेलन को रद्द करने जुटा प्रशासन, छापेमारी, रास्ते सील
वृंदावन में नास्तिक सम्मेलन को रद्द करने जुटा प्रशासन, छापेमारी, रास्ते सील
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला अंतर्गत वृंदावन में आयोजित हो रहे नास्तिक सम्मेलन को रद्द करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है, जगह-जगह छापेमारी की जा रही है सम्मेलन स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते बंद किए जा रहे हैं।
यह जानकारी नास्तिक सम्मेलन के आयोजक पूर्णेन्दु गोस्वामी ने स्वयं अपनी फेसबुक पोस्ट में दी है।
पूर्णेन्दु गोस्वामी ने लिखा है-
वृंदावन में धार्मिक सहिष्णुता और संवैधानिक नागरिक अधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मठाधीशों के साथ मिल कर नगर प्रशासन नास्तिक सम्मेलन को रद्द करने का दबाव बना रहा है। सम्मेलन स्थल तक पहुंचने वाले रास्ते बंद किए जा रहे हैं। हर आने जाने वाले से पूछताछ की जा रही है । अतिथिगृहों और धर्मशालाओं पर प्रतिभागियों को न रुकने देने का दबाव बनाया जा रहा है। पहले से आरक्षित कमरे भी बंद किए जा रहे हैं।
अम्माजी रेस्तरां पर छापेमारी चल रही है। आसपास की दुकानें और खोखे बन्द कराए जा रहे हैं। तिलकधारी अफसर लेखकों कलाकारों को गिरफ्तार करने की धमकी दे रहे हैं। गिरफ्तारी कभी भी शुरू हो सकती है।
धार्मिक नेतागण आयोजन स्थल के पास भीड़ इकट्ठी कर धार्मिक उन्माद भड़काने की कोशिश कर रहे है। इन्हें रोकने की जगह प्रशासन नास्तिक प्रतिभागियों को धमका रहा है। वे अभद्र भाषा का प्रयोग भी कर रहे हैं।
यह सम्मेलन एक निजी आश्रम में होना है। क्या इस देश में नास्तिक लोग अपने घर में बैठ कर भी विचार विमर्श नहीं कर सकते ? यही सहिष्णुता है, लोकतंत्र है ?
यह फ़ासीवाद का नंगा नाच नहीं तो क्या है ?
सम्मेलन के लिए यहां सैकड़ो लड़के लड़कियों स्त्री पुरुष पहुंच चुके हैं। मिलना जुलना और विचार विमर्श करना हमारा मूल अधिकार है। हम इस अधिकार का त्याग नहीं कर सकते, क्योंकि ऐसा करना लोकतंत्र और संविधान का खत्मा होगा। हम बैठे हैं , गीत गा रहे हैं, बतिया रहे हैं।
मीडिया और जनवादी संगठनों से अनुरोध है कि इस दमनात्मक कार्रवाई की नोटिस लें और हस्तक्षेप करें।


