संघपाली अरुणा लोहिताक्षी- जिसने दिल्ली पुलिस का संघी चेहरा कैमरे से उजाकर कर दिया
संघपाली अरुणा लोहिताक्षी- जिसने दिल्ली पुलिस का संघी चेहरा कैमरे से उजाकर कर दिया
टीवी का कोई भी एंकर संघपाली अरुणा लोहिताक्षी के बराबर पढ़ा - लिखा नहीं है
Sanghapali Aruna Lohitakshi.
पुलिस और RSS द्वारा स्टूडेंट्स को पीटने वाला वायरल हो चुका वीडियो इन्होंने (संघपाली अरुणा लोहिताक्षी) ही शूट किया है. सभी या तो इनसे शेयर कर रहे हैं या कॉपी करके आगे बढ़ा रहे हैं. आप देख पा रहे होंगे कि YouTube का सबसे पहला अपलोड इनका ही है.
ऐसी खतरनाक स्थितियों में शूटिंग का जोखिम आप समझ ही सकते हैं. पुलिस ऐसे मौके पर कैमरा तोड़ती है, और कैमरे के पीछे वाले इंसान को भी. तहलका मैगजीन के विकास कुमार का कैमरा इसी घटना में तोड़ा गया था. परसो जब मैंने अरुणा से पूछा कि - मार पड़ी? कैमरा बचा लिया? तो लड़की मुस्कुराकर बोली- कैमरे पर मेरी पकड़ बहुत मजबूत होती है.
संघपाली अरुणा लोहिताक्षी मानवाधिकार, स्त्री और जाति व्यवस्था की स्कॉलर हैं. बेहतरीन फोटोग्राफर और अंबेडकराइट एक्टिविस्ट. कई विषयों की जानकार हैं.
रोहित वेमुला जब धरने पर चल रहे थे, तब उनके समर्थन में राउंडटेबल के एडिटर कुफिर दा, डॉ. अवाड, फिल्ममेकर गुरिंदर आजाद, प्रोफेसर शिंदे के साथ मैं बोलने गया था, तो प्रोटेस्ट मीटिंग का संचालन संघपाली अरुणा लोहिताक्षी ने ही किया था.
अरुणा अंग्रेजों से अच्छी इंग्लिश बोलती हैं. मानवाधिकार पर वे UN के जेनेवा, स्विट्जरलैंड सम्मेलन में बोली चुकी है. पेरिस से लेकर न्यूयॉर्क तक जाने कहां कहां एक्टिविज्म कर आई हैं. पूरी दुनिया उन्हें सुनती है.
लेकिन भारत में?
पुलिस जुल्म की ताजा घटना की सबसे ऑथेंटिक गवाह होने के बावजूद टीवी चैनल उन्हें नहीं बुलाएंगे. पैनल में ऐसी तेज तर्रार बहुजन उन्हें नहीं चाहिए. उन्हें चाहिए कोई दब्बू सा चेहरा, जो टीवी पर नजर आने के लालच में आरक्षण का विरोध करे या कमजोर तर्क पेश करे.
टेलीविजन न्यूज में लगभग 10 साल काम करने के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि टीवी का कोई भी एंकर संघपाली अरुणा लोहिताक्षी के बराबर पढ़ा - लिखा नहीं है.
दिलीप सी मंडल की फेसबुक टाइमलाइन से साभार


