दुर्ग । 4 जून की रात रामलीला मैदान में केन्द्र सरकार के ईशारे पर पुलिस द्वारा सत्याग्रहियों पर की गई दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में विभिन्न संगठनों की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आने वाले समय में केन्द्र सरकार के खिलाफ चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई इसके पहले चरण में 13 जून सोमवार को मौन जूलूस निकालने का निर्णय लिया गया इससे लिए सर्वसम्मति से लोकतंत्र रक्षा मंच का गठन कर उसके बैनर तले मौन जूलूस निकालने पर सहमति बनी । इस मौन जूलूस में दुर्ग-भिलाई के साथ साथ ग्रामीण अंचलों के नागरिक हजारों की संख्या में शामिल होंगे ।
बैठक में सच्चिदानंद उपासने और अवधेश दुबे विशेष रुप से उपस्थित थे । लोकतंत्र रक्षा मंच द्वारा 13 जून के मौन जूलूस हेतु बनी कार्यक्रम समिति में भारत स्वाभिमान मंच के संगठन मंत्री सुशील पाण्डेय को संयोजक, विजय सोनी को सहसंयोजक तथा सदस्य अधिवक्ता दीपमाला, डॉ. जयराम अय्यर, एस. स्वामीनाथन को चुना गया । बैठक में भारत स्वाभिमान मंच, अन्ना हजारे समर्थक मंच, पतंजलि योग पीठ, सोशल अवेयरनेस फोरम, धर्म जागरण विभाग, विद्या भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, सहकार भारती सहित दुर्ग-भिलाई के अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे । मौन जूलूस स्टेशन रोड दुर्ग स्थित गायत्री मंदिर मैदान से दोपहर 2 बजे आरंभ होकर शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए कलेक्टे्रट पहुंचेगा जहां जिलाधीश को राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा जाएगा जिसमें केन्द्र शासन के गृह मंत्री, दिल्ली के मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही किये जाने संबंधी मांग होगी ।
बैठक में विशेष रुप से उपस्थित सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि प्रजातांत्रिक तरीके से किये जा रहे आंदोलन को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है । भ्रष्टाचार और कालेधन के सवाल पर केन्द्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है । बाबा रामदेव के अनशन स्थल पर किये गए सुनियोजित हमले को लेकर देश की सौ करोड़ जनता में केन्द्र शासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है उस आक्रोश का प्रगटीकरण दुर्ग में 13 जून को मौन जूलूस के माध्यम से किया जाएगा । लोकतंत्र रक्षा मंच मौन जूलूस में शामिल होने के लिए अनेक सामाजिक सगठनों से सम्पर्क करेगा ।
धर्म जागरण विभाग के अवधेश दुबे ने कहा कि बिना सूचना के बच्चों और महिलाओं पर बलप्रयोग करने से केन्द्र की सरकार का निर्मम चेहरा सामने आ गया है इस शर्मनाक कृत्य पर अफसोस जाहिर करने की बजाय इसे सही कदम ठहराये जाने और बाबा रामदेव के लिए अपमानजनक टिप्पणियां करने से जनता में बेहद गुस्सा है और जनता द्वारा केन्द्र सरकार के प्रति गुस्से का इजहार करने के लिए मौन जूलूस जैसे लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन की रुपरेखा तय की जा रही है ।
मौन जूलूस हेतु आयोजित बैठक में भारत स्वाभिमान मंच के संगठन मंत्री सुशील पाण्डेय, नरेन्द्र सिंह पटेल, श्रवण कुमार वर्मा, अन्ना हजारे समर्थक मंच के उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. गोयल, मीडिया प्रभारी दिग्विजय कुमार मौर्य, पतंजलि योग पीठ के तहसील अध्यक्ष बी.पी. शुक्ला, विश्व हिन्दू परिषद प्रदेश मंत्री के.पी सिंह, विद्याभारती जिला समन्वयक चिन्ताराम साहू, दिलेश्वर उमरे, लखन गुप्ता, विजय सोनी, अधिवक्ता दीपमाला, जी. साई कृष्ण, राजेश वैद्य, विष्णुराम चंद्राकर, धर्म सेना प्रदेश उपाध्यक्ष गुलशन ढिंढे, अतुल नागले, दुर्ग जिला भाजपा से जिला उपाध्यक्ष अजय तिवारी व भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेन्द्र पाध्ये, विधि प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक महेन्द्र दिल्लीवार, आईटी प्रकोष्ठ के देवेन्द्र गुप्ता, भिलाई जिला भाजपा से जिला अध्यक्ष ओंकार प्रसाद वर्मा, रामआसरे दुबे, कुलवंतराय गुप्ता, संजय दानी सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे ।

राजेन्द्र पाध्ये