सत्रह सौ कानून खारिज करने की तैयारी, उस शहर का नाम बताओ, जहा दंगे नहीं होंगे
सत्रह सौ कानून खारिज करने की तैयारी, उस शहर का नाम बताओ, जहा दंगे नहीं होंगे
तानाशाही फ़ासीवादी फ़र्मान से सारे कायदे कानून खत्म करने का यह केसरिया समय कारपोरेट हैं।
बाकी मनुष्यता शासनों के वैश्विक विस्तार और हिंदू साम्राज्यवाद को ग्लोबल हिंदुत्व, अमेरिका और इजराइल का साझा एजेंडा के तहत सोनेकीचिड़िया को दुनियाकोटबाहक़रो एजेंडा को लागू करने वाले कल्कि अवतार हैं नरेंद्र मोदी।
सत्कर्म सौ कानून खारिज करने की तैयारी है। गूड फ्राइडे पर एक सुप्रीम कोर्ट के एक ऐसी जज के कढ़े ऐतराज़ को हाशिए पर रखकर जो न्यायाधीशों का सममेलन हिंदुत्व के शनखनाद के मध्य हुआ, वहाँ कल्कि अवतार की यह उदात्त घोषणा है।
बजट सत्कर्म से पहले एकबार थोकभाव से गैरेजरी कानून गिलोटिन से खत्म कर दिए गए और बिनेजनेस फ्रेंडली सरकार अब सत्कर्म सौ कानून खत्म करने का ऐलान कर रही है।
कानून गैलरी जरूरी है तो उन्हें खत्म करने के बारे में बगुलों की सफाईशों पर सार्वजनिन बहुत हो नहीं, संदस में बहुत पहले होनी चाहिए।
तानाशाही फ़ासीवादी फ़र्मान से सारे कायदे कानून खत्म करने का यह केसरिया समय कारपोरेट हैं।
डिजिटल देश है। एक-एक कानून को खत्म होने से पहले सरकार उस कानून का ब्यौरा और बगुला विशेषज्ञों की सफाईशों पर चाहिए तो नागरिकों की सुनवाई कर सकती है, सार्वजनिन जनसुनवाई हो नहीं, लेकिन शुरू से केसरिया, शुरू से केसरिया संदस में बिना रिकॉर्ड के तमाम संदस...


