सपा सरकार का दोहरा चरित्र उजागर, इलाहाबाद में मेधा पाटकर गिरफ्तार
सपा सरकार का दोहरा चरित्र उजागर, इलाहाबाद में मेधा पाटकर गिरफ्तार
सपा सरकार का दोहरा चरित्र उजागर,
इलाहाबाद में मेधा पाटकर गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में पुलिस और गुण्डों का राज कायम- एनएपीएम
लखनऊ। भूमि अधिग्रहण पर उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव घोषणा कर रहे हैं कि किसानों की जमीन जबरन नहीं छीनी जाएगी तो दूसरी तरफ सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए संघर्षरत नर्मदा बचाओ आंदोलन की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में गिरफ्तार कर लिया गया। वह एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए काचरी गांव जा रही थीं।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित खबर के मुताबिक इलाके में तनाव की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और वहां जाने से मना किया, मगर वह नहीं मानीं। आखिरकार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और पुलिस लाइंस ले गए।
मेधा दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता आजादी बचाओ आंदोलन के प्रणेता प्रोफेसर बनवारी लाल शर्मा की बरसी के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। उन्हें इलाके में भूमि अधिग्रहण के विरोध के कारण गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के परिजनों से भी मिलना था।
प्रतिष्ठित समाचारपत्र देशबन्धु में प्रकाशित खबर के मुताबिक एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इलाहाबाद के जिलाधिकारी संजय कुमार ने शुक्रवार की रात मेधा पाटकर से अपनी यात्रा रद्द कर देने का अनुरोध किया था, क्योंकि आयोजन स्थल पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
मेधा को हिरासत में लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में रखा गया था, लेकिन शनिवार सुबह वह रैली और धरना स्थल की ओर कूच कर गईं, जिस कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मेधा पाटकर भूमि अधिग्रहण का विरोध करते गिरफ्तार हुए लोगों की जल्द रिहाई की मांग कर रही हैं।
बता दें उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में कनहर बांध के लिए जमीन छीने जाने का विरोध कर रहे आदिवासियों पर सरकार ने पिछले दिनों गोली चलवाई थी और आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं रोमा एडवोकेट व अन्य आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जनआंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय एनएपीएम ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस और गुण्डों का राज कायम है और जो इस राज को चुनौती देते हैं, वे झूठे आरोपों में जेल भेज दिए जाते हैं।
एनएपीएम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा करने और दोषी अधिकारियों को दण्डित करने की मांग की है।


