सफ़दर हाशमी की 26वीं पुण्यतिथि पर शहादत दिवस का आयोजन
सफ़दर हाशमी की 26वीं पुण्यतिथि पर शहादत दिवस का आयोजन
वर्धा। जनवरी 2015 में सफ़दर हाशमी की 26वीं पुण्यतिथि पर क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच (साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था) महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा (महाराष्ट्र) शहादत दिवस का आयोजन कर रहा है, जिसके अंतर्गत संगोष्ठी (लोकतंत्र में जन-प्रतिरोध), कला परिचर्चा (कला और सामाजिक चेतना), जनवादी काव्य गोष्ठी एवं प्रतिरोध का रंगमंच नुक्कड़ नाटकों (जनवादी विषय) इत्यादि कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
क़ाफ़िला सांस्कृतिक मंच के सचिव कुमार गौरव मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मंच बेहतर सामाजिक संरचना के हेतु जन-चेतना के प्रसार में सफ़दर हाशमी के योगदान को प्रकाश में लाना चाहता है। जन-चेतना के मार्ग पर सांस्कृतिक अभिव्यक्ति मील का पत्थर साबित हुई। सफ़दर हाशमी ने इसी सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को हथियार बनाकर समाज को जागृत करने का प्रयास किया। उनके इस कार्य को केंद्र में रखते हुए सामाजिक चेतना में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति किस प्रकार एक सक्षक्त माध्यम बन सकती है इसके विभिन्न पक्षों को प्रस्तुत करने के लिए कला क्षेत्र से जुड़े विद्वानों एवं छात्रों के लिए कार्यक्रम का निर्माण किया गया।
श्री मिश्रा ने कहा कि काफ़िला सांस्कृतिक मंच एक ऐसे मंच की परिकल्पना को चरितार्थ करता है, जो व्यवहारिक रूप में शत-प्रतिशत छात्रों की कला को सोद्देश्यपूर्ण बेहतरसामाजिक संरचना के आधार पर चेतना के प्रचार- प्रसार हेतु मंच मुहैया करवाताहै। चेतना के प्रसार का माध्यम काव्य मंचन हो या कहानी, उपन्यास पाठ होनाट्य मंचन हो या फिर फिल्म निर्माण एवं प्रदर्शन आदि । मूल रूप से काफ़िला सांस्कृतिक मंच कला के विभिन्न माध्यमों से समाज में सद्भावना और समानता के प्रति प्रतिबद्ध है
उन्होंने अपील की कि आंदोलन को अपने जीवन का उद्देश्य बनाकर शहादत तक लगातार सक्रिय रहने वाले सफ़दर हाशमी जी को याद करते हुए हम आज की समस्याओं से रूबरू होने के लिए एकजुट हों।


