सभ्यता की तलाश
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मैं अंडमान के सेंटीनल द्वीप पर रहना चाहता हूँ
सबसे अलग थलग
जहाँ भाषा नही है
स्कूल नहीं है
मैं बोली और भाषा के बिना अनपढ़ रहना चाहता हूँ
कोई धर्म नहीं धर्म स्थल नही
अधर्मी रहना चाहता हूँ
मकान नहीं है पेडों पर रहना चाहता हूँ
बिना दीवारों की झोपड़ी में रहना चाहता हूँ
वहाँ कपडे नहीं है
खेती अनाज नहीं है
जंगली कंदमूल शहद है
शिकार और मछली है
मैं दिगम्बर ही मछली पकड़ना चाहता हूँ
'गार्डन आफ ईडन' में रहना चाहता हूँ
हाँ यह पलायन है
जड़ों की तलाश है
आिदम जाति के सेंटीनली लोगों के बीच रहना चाहता हूँ
बाहरी को वे मार डालते हैं
शायद मुझे स्वीकार करें
भय से मुक्ति मिले
आदमी बनना चाहता हूँ
थोडा सभ्य होना चाहता हूँ

( * 'गार्डन आफ ईडन' जहाँ पहले 'आदम और ईव' रहे )

// जसबीर चावला //