सुनहरी छबील फाउंडेशन, बीकानेर का अगला कार्यक्रम समर आर्ट एंड पोएट्री फेस्टिवल 13-14 जून शिमला में आयोजित
विगत वर्ष राजस्थान में बीकानेर कला एवं साहित्य उत्सव की सफलता के पश्चात इस वर्ष शिमला में 13-14 जून 2015 को ग्रीष्मकालीन कविता एवं कला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. बीकानेर की रजिस्टर्ड संस्था सुनहरी छबील फ़ाऊंडेशन के द्वारा इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. महोत्सव में काव्य पाठ, गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला प्रदर्शनी इत्यादि में साहित्य, कला एवं संस्कृति से जुड़े प्रसिद्द लेखक, कलाकार इत्यादि उपस्थित रहेंगे.
विगत वर्ष नवंबर माह में सुनहरी छबील फ़ाऊंडेशन द्वारा आयोजित बीकानेर कला एवं साहित्य उत्सव में श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल, नादिरा बब्बर जी, श्री नरेश सक्सेना, श्री शीन काफ़ निज़ाम, श्री नंद किशोर आचार्य, श्री नंद भारद्वाज, श्री मालचंद तिवारी के साथ कई प्रसिद्द हस्ताक्षर मौजद थे.
इस साहित्य-कला उत्सवों के दौर में यह अपने तरह का पहला आयोजन है-कविता एवं कला महोत्सव, शिमला. लिटरेचर फेस्टिवल्स के दौर में बिना किसी प्रयोजन के यह आयोजन सहभागिता के आधार पर है. यह आयोजन एक तरह से अनौपचारिक होता है, जिसका उद्देश्य है कि लेखक-कलाकार एक स्थल पर जुटें, बहस-मुबाहिसे करें, रचनाएँ सुनें-सुनाएँ. आजकल लेखकों-कलाकारों में अनौपचारिक मेल-मिलाप के अवसर कम होते जा रहे हैं, ऐसे में इस तरह के आयोजनों की बड़ी आवश्यकता है. अपने तरह का यह अकेला आयोजन है जिसमें एक तरह से सामूहिक नेतृत्व होता है, सामूहिक जिम्मेदारी होती है. महोत्सव के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि इस तरह के आयोजन देश के प्रसिद्द स्थानों पर किये जायेंगे.
13-14 जून 2015 को शिमला में होने वाले प्रथम ग्रीष्मकालीन काव्य एवं कला महोत्सव में साहित्य, कला एवं संस्कृति से सम्बंधित विवध कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें सर्वश्री केदारनाथ सिंह, मंगलेश डबराल, नीलाभ अश्क, डॉ. हरीश नवल, अशद जैदी, दिनेश कुमार शुक्ला , ऋषिकेश सुलभ, सुरजीत पातर, यतेन्द्र मिश्रा, अनामिका, सूरज प्रकाश, नरेश सक्सेना, प्रभात रंजन, कुवर रविंद्र, गीता श्री, मालचंद तिवारी, के.पी. सक्सेना, प्रेम जनमेजय, आदि देश भर के जाने-माने साहित्यकार एवं कलाकर शिरकत कर रहे हैं.