रामवृक्ष यादव कैसा सेनानी था और देश व समाज के लिए क्या करता था, यह बताने की अब कोई ज़रूरत नहीं रह गई है
हर्ष देव
मथुरा के जवाहर बाग़ में दो जून की घटना के सम्बंध में मेरी पिछली पोस्ट के क्रम में एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली है। उपद्रवियों के मुखिया और 'जय गुरुदेव' के अंध समर्थ

क रामवृक्ष यादव, जिसके बारे में यूपी के डीजीपी जावेद अहमद का दावा है कि उसे दो जून को ही मार गिराया गया, को पारिवारिक समाजवादियों की सरकार की ओर से हर माह 15 हज़ार रु की राशि दी जा रही थी। यह पैसा रामवृक्ष यादव को देश के सेवक के तौर पर 'लोकतंत्र रक्षक सेनानी' बताकर दिया जा रहा था।
वह कैसा सेनानी था और देश व समाज के लिए क्या करता था, यह बताने की अब कोई ज़रूरत नहीं रह गई है। हाँ, उसे मानने और बताने वालों पर सवाल ज़रूर उठते हैं। साथ ही पैसा देने के उनके विवेक और औचित्य पर भी।
हर्ष देव, वरिष्ठ पत्रकार हैं, उनकी फेसबुक टाइमलाइन से साभार