कैथल, 15 अप्रैल। सरकारी खरीद एजेंसियों की देख रेख में कैथल की अनाज मंडियों में किसानों को हर रोज लाखों रुपयों का चूना लग रहा है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही कुदरत के मारे पड़े है और रही सही कसर अब मंडियों में आढ़तियों द्वारा पूरी कर दी गई।
अजीत सिंह, गुरनाम, रामकुमार, लीलु ने बताया कि किसानों का गेहूं जब मंडी में आता है तो उसको तुलाई करके बोरियों में भरा जाता है। तोलते समय खाली कट्टे के वजन के नाम पीछे बांटों के साथ 700 ग्राम के बाट रखे जाते हैं। इतना ही नहीं ये 700 ग्राम के बांट भी एक कपड़े या बोरी के टुकडे में लपेट के रखे जाते हैं और उसका वजन भी 100 से 150 ग्राम तक होता है। इस प्रकार खाली कट्टे के बदले में 800 से 850 ग्राम का वजन रखा जाता है। जबकि खाली कट्टे का वजन मात्र 500 से 600 ग्राम के बीच होता है। इस प्रकार से पीछे रखे वजन के हिसाब से किसानों की फसल प्रति कट्टा लगभग 300 ग्राम अधिक तुलती है।
अकेले कैथल मंडी के अन्दर इस समय गेहूं की आवक लगभग एक लाख बोरी की है। जिससे प्रति बोरी 300 ग्राम के हिसाब से 4.35 रुपये यानि की हर रोज लगभग 435000 का चूना किसानों को लगाया जा रहा है। यह खेल सरकारी अधिकारियों की छत्रछाया में खेला जा रहा है। क्योकि मंडियों में लदान कई कई दिन के बाद होता है और मंडियों में पड़ी बोरियों में गेहूं सूख जाता है। इस कारण से बोरियों में घटौतरी बैठ जाती है। जो आढ़तियों से वसूल की जाती है। आढ़तियों से वसूल करते समय नेताओं के कहने पर खरीद एजेंसियों से रियायत करवाई जाती है। इस रियायत को देने में अधिकारी असमर्थ होते हैं, परन्तु मजबूरी वश एजेंसियों को देनी पडती है। जिस कारण खरीद अधिकारी चाहते हैं कि यह घटोतरी कम से कम बैठे। इसी के चलते ये अधिकारी तोल के समय कुछ नही कहते। तोल चैक करने की जिम्मेवारी मार्किट कमेटी के अधिकारियों की होती है और ये आपस में मिले होते हैं। कुछ आढ़ती तो तोलते समय बडी बोरी, किलो का बाट, डबल कट्टा डाल कर इससे भी ज्यादा का चूना किसानों को लगा रहे है।
इसके अलावा कई आढ़ती मंडी में जगह न होने के कारण किसानों की फसल अपने शैलरों, खाली प्लाटों आदि में मंडी से दूर डलवाते है और घटोतरी को पूरा करने के लिये किसानों को चूना इससे ज्यादा का भी लगाया जाता है।
अभी खरीद को चले मात्र दो दिन ही हुुये हैं कि इन दो दिनों में लगभग 5 लाख की चपत किसानों को लग चुकी है। इतना ही नहीं यह मामला एस डी एम के समक्ष भी उठाया था, जिन्होंने जांच के आदेश देने व दोषी के खिलाफ कारवाई करने को कहा था। परन्तु बुधवार को भी उनके आदेशों का कुछ पता नही चला और घोटाला पहले की ही तरह चलता है।

सरकारी खरीद - जांच करके करेंगे कारवाई- उपायुक्त
इस बारे में उपायुक्त के एम पांडुरंग ने बताया कि वे इसकी जांच करवायेंगे और दोषियों के खिलाफ कारवाई करेंगे। किसानों के साथ किसी भी प्रकार का घोटाला नही होंने दिया जायेगा।

राजकुमार अग्रवाल