रांची। HEC हटिया विस्थापित परिवार समिति द्वारा नया सराय के कालू मैदान में एक सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्त चरण दास, अण्णा हाजरे के आन्दोलन मे रहे राकेश रफीक प्रशासनिक सेवा मे रहे अरूण ऊरांव, झारखंड के प्रथम मुख्य मंत्री बाबू लाल मरांडी, ए आई एफ से अनिल अंशुमान, मासस दुमका इकाई की नेता मुनि हांसदा, एवं महिला आयोग के पूवॅ सदस्य वासवी किडो के उपस्थिति में सभा की शुरुआत हुई।
सभा को संबोधित करते हुए भक्त चरण दास ने कहा कि पंडित जी ने विकास की जो नीवं रखी थी, वह पूरी नहीं हो पायी। जमीन के मालिक का पतन होते हुए मैंने आज 12 गांव में घूमते हुए देखा। गांधी जी ने अहिंसा के माध्यम से आंदोलन किया। हमें उनके रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के नाम पर जबरन विस्थापन नहीं कर सकती है। 2013 के कानून के आधार पर HEC की जमीन किसानों की है।
राकेश रफीक ने कहा कि दुनिया मे क्या चल रहा है। जानने की जरूरत है। जमीन के अंदर के खनिज पर दुनिया राज कर रही है। हमें आपने आधिकार को जानना होगा।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड हमारा है। हमें न्याय दूसरे नहीं देंगे। इसके लिए लड़ाई लड़नी होगी। यहां की सरकार कानून को नहीं मानती है।
अनिल अंशुमन ने कहा कि पूरे देश में किसानों और मजदूरों के आदोलन से काला अध्यादेश वापस हुआ है। करणपुरा से आये दीपक दास ने कहा 4 लाख विस्थापित होने वाले है। ग्रेटर रांची के विस्थापित इस आन्दोलन जुड़ने वाले हैं। हमें न्याय चाहिए तो संघर्ष करना होगा।
ग्रामीणों ने कहा सरकार ने झूठ बोलकर हमारे पूर्वजों से जमीन ली है। बुनियादी सुविधाओं से 50 साल से वंचित रखा गया, हम जमीन के मालिक से मजदूर बन गये। हमें अपनी जमीन वापस चाहिए। हम किसी भी कीमत पर जमीन नही छोड़ेंगे।
इस क्रायक्रम में तिरिल लाबेद कुटे मुडमा आनी के ग्रामीण उपस्थित थे।
आलोका