सलाम जनरल हुड्डा के साहस और समझ को
सलाम जनरल हुड्डा के साहस और समझ को
सलाम जनरल हुड्डा के साहस और समझ को
जनरल हुड्डा के साहस और समझ की प्रशंसा की जानी चाहिये।
कश्मीर की समस्या मूलतः राजनीतिक है, इसका समाधान राजनीतिक स्तर पर ही संभव है-इसका सैन्य समाधान नहीं है।
उर्मिलेश
ऐसे दौर में जब देश का राजनीतिक नेतृत्व, खासकर सम्बद्ध मंत्रालयों के प्रभारी कश्मीर में 42 दिनों से जारी भारी अशांति, नृशंसता, हिंसा-प्रतिहिंसा और अलगाव के मौजूदा माहौल को खत्म करने के लिये सार्थक और जरूरी कदम उठाने के बजाय गैरजरूरी और भड़काऊ बयान देने में मशगूल हैं, देश का एक बड़ा सेनानायक बड़े साहस और गहरी समझ के साथ सामने आया है।
उत्तरी कमान के सैन्य कमांडर जनरल डी एस हुड्डा के ताजा वक्तव्य पर केंद्र व राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व और कश्मीर के अलगाववादियों को भी गौर करना चाहिये।
जनरल हुड्डा ने कश्मीर में शांति की अपील के साथ कहा कि हम सबको संजीदा होकर बैठना चाहिेये और समस्या का समाधान खोजना चाहिये।
संभवतः देश के किसी सैन्य कमांडर ने पहली बार इस तरह के संवाद की अपील में अलगाववादियो को भी संबोधित किया।
जनरल हुड्डा के साहस और समझ की प्रशंसा की जानी चाहिये। मुझे लगता है, सरकार को भी आगे आना चाहिये, क्योंकि कश्मीर की समस्या मूलतः राजनीतिक है, इसका समाधान राजनीतिक स्तर पर ही संभव है-इसका सैन्य समाधान नहीं है।
The military commander of the Northern Command, General DS Hooda, appeal for peace in Kashmir


