सांस्कृतिक शहीद कृष्णसेन इच्छुक की १४ वीं स्मृति दिवस सम्पन्न
सांस्कृतिक शहीद कृष्णसेन इच्छुक की १४ वीं स्मृति दिवस सम्पन्न
नेपाल। नेपाली जनवादी सांस्कृतिक आन्दोलन के एक जुझारु हस्ती कृष्णसेन इच्छुक की १४ वीं स्मृति दिवस में २६ में नेपाल के विभिन्न जगह में विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस अवसर में जनवादी साँस्कृतिक आन्दोलन में लम्बे अरसे से क्रियाशील लेखक तथा पत्रकारों को भी पुरस्कृत तथा सम्मानित किया गया ।
इसी अवसर में कृष्ण सेन इच्छुक का गृह जिला दाङ मे भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
नेपाल पत्रकार महासंघ, क्रान्तिकारी पत्रकार संघ, एकीकृत अखिल नेपाल जनसाँस्कृतिक महासंघ, क्रान्तिकारी पत्रकार महासंघद्वारा संयुक्त रुपमे आयोजित कार्यक्रममे सहभागी वक्ताओंने इच्छुक की योगदान तथा कर्मोंका चर्चा किया।
प्रमुख अतिथि के रूप मे वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस काउन्सिल नेपाल के पूर्व अध्यक्ष नाराणप्रसाद शर्मा ने कहा कि “आज गणतन्त्र प्राप्ति और इसके वाद के माहौल में हम जो अधिकारों का उपभोग कर रहे हैं, उसका महत्वपूर्ण श्रेय शहीद कृष्ण सेन जैसे महान सपूतों को जाता है।” उन्होंने सेन के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए वार्षिक रुप में किये जाने वाले कार्यक्रमों के साथ–साथ उनके आदर्शों को जीवन में अमल करके ही उनके प्रति असली सम्मान हो सकता है ।”
कार्यक्रम में साँस्कृतिक शहीद कृष्णसेन इच्छुक को मरणोपरान्त नेपाल पत्रकार महासंघ द्वारा चिन्तामणि–जमुना स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया। लम्बे समयसे जनपक्षीय साहित्य, पत्रकारिता और कर्मों के माध्यम से किए गए योगदान को कदर करते हुए प्रगतिवादी युवा साहित्यकार क्षितिज मगर और प्रेस स्वतन्त्रता सेनानी सुशील गौतमको कृष्ण सेन इच्छुक स्मृति साहित्य तथा पत्रकारिता पुरस्कारसे सम्मानित किया गया।
व्यापक सहभागिता के बीच सम्पन्न कार्यक्रम को विभिन्न वक्ताओं ने कृष्ण सेन इच्छुक की साँस्कृतिक, पत्रकारिता और राजनीतिक जीवन के विविध आयामों की चर्चा की।
नेपाल पत्रकार महासंघ, दाङके अध्यक्ष सुदीप गौतम की अध्यक्षता में सम्पन्न कार्यक्रम को क्रान्तिकारी पत्रकार संघ के अध्यक्ष डिल्ली मल्ल ने सञ्चालन किया।
सन् २००२ में २७ के दिन तत्कालीन सत्ता द्वारा पुलिस कस्टडी में चरम यातना के बाद कृष्णसेन इच्छुक की हत्या की गयी थी। उनकी शोकाञ्जलि, इतिहास की इस घड़ी में, बन्दी और चन्द्रागिरी, बन्दी आवाज लगायतकी कृतियाँ प्रकाशित हैं। जनादेश साप्ताहिक और कलम साहित्यिक त्रैमासिक के तत्कालीन सम्पादक रहे कृष्णसेन इच्छुक नेपाल की जनपक्षीय पत्रकारिता और सांस्कृतिक आन्दोलन के आदर्श माने जाते हैं।
दाङ, नेपाल से प्रमोद धिताल की रिपोर्ट


