20 नवम्बर को ज्योति बा फूले पार्क में होगी जन संघर्ष रैली
लखनऊ 18 नवम्बर 2013। बेचारे वाम दलों के सामने अजब परेशानी है। जहाँ एक ओर माकपा महासचिव प्रकाश करात और भाकपा के पूर्व सचिव ए. बी. बर्द्धन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को प्रधानमंत्री बनता देखने के लिए बेचैन हैं तो दूसरी ओर भाकपा और माकपा की उत्तर प्रदेश इकाईयाँ धरतीपुत्र के पुत्र के नीचे की जमीन खींचने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रही हैं। अभी कुछ दिन पहले ही भाकपा ने लखनऊ में बहुत लंबे समय बाद एक बड़ी रैली की और सपा सरकार को आड़े हाथों लिया। अब माकपा की प्रदेश इकाई ने आइपीएफ व अन्य वाम रुझान वाले दलों के साथ साम्प्रदायिकता और कानून का राज को मुद्दा बनाते हुए आगामी 20 नवंबर को लखनऊ में बड़ी रैली करने की ठानी है।

सीपीएम के राज्य सचिव का0 एस0 पी0 कश्यप ने आज जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में जानकारी दी कि देश व प्रदेश में नीति व कार्यक्रम आधारित वामपंथी-जनवादी विकल्प को जनता के समक्ष पेश करने के लिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ), अखिल भारतीय फारवर्ड ब्लाक व राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने अभियान और आंदोलन के हिस्से के रूप में आगामी 20 नवम्बर को ज्योति बा फूले मैदान चौक में जन संघर्ष रैली का आयोजन किया है। इस रैली को सीपीएम के महासचिव का0 प्रकाश करात, आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक का0 अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, फारवर्ड ब्लाक के महासचिव का0 देवव्रत विश्वास व राष्ट्रवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव का0 कौशल किशोर समेत तमाम नेतागण सम्बोधित करेंगे। रैली में साम्प्रदायिकता के खिलाफ व अल्पसंख्यकों के अधिकार और सामाजिक न्याय समेत जनता के विभिन्न तबकों के जीवन से जुड़े सवालों को उठाया जायेगा। रैली के द्वारा प्रदेश सरकार को संयुक्त ज्ञापन दिया जायेगा।