नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ से खबर आ रही है कि आदिवासी शिक्षिका सोनी सोरी पर छत्तीसगढ़ में नयी धाराओं में एक नया मामला दर्ज़ किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनी पर धारा 147, 149 और 188 धारा लगाई गई हैं। सोनी ने प्रशासन को यह मुकदमा दर्ज़ करने के लिए धन्यवाद दिया है।
इस आशय की जानकारी गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर दी है। घटना का विवरण देते हुए हिमांशु कुमार ने लिखा है- “पिछले दिनों पुलिस ने नदी में नहाते हुए एक निर्दोष आदिवासी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में उल्टा नक्सलियों के खिलाफ़ रिपोर्ट लिख दी थी। इस बात से मृतक के परिवार जन और ग्रामीण इस मामले की शिकायत करने कलेक्टर और एस पी के पास जाने के लिए निकले। ग्रामीणों ने सोनी सोरी को साथ रहने के लिए कहा। सोनी सोरी ने प्रशासन को आदिवासियों के इस पैदल मार्च की पहले से ही सूचना दे दी।“
हिमांशु कुमार लिखते हैं- “आदिवासियों के इस पैदल मार्च में बड़ी संख्या में आदिवासियों को देख कर प्रशासन के हाथ पैर फूल गए और रास्ते में ही प्रशासन और पुलिस वालों ने लिखित आश्वासन देकर आदिवासियों के पैदल मार्च को वहीं रोक दिया। लेकिन प्रशासन ने बाद में सोनी सोरी के ऊपर दंगा फसाद फैलाने और सरकारी आदेश के उलंघन करने की धाराओं में मामला दर्ज़ कर दिया।”
गांधीवादी कार्यकर्ता सवाल करते हैं- “इसका मतलब यह है कि सरकार आदिवासी की हत्या भी करेगी, विरोध करने वालों पर भी मुकदमे करेगी, किसी आदिवासी को मुंह भी नहीं खोलने देगी! ”
फिर वे स्वयं स्वयं बताते हैं कि सरकार को ऐसा करना क्यों जरूरी है- “आदिवासियों की ज़मीने छीन कर अमीर उद्योगपतियों को देने के लिए यह सब करना बहुत ज़रूरी है।”