1. हत्याओं के इस दौर में मैं तुमसे प्रेम करना चाहता हूँ
_________________

हत्याओं के इस दौर में
मैं तुमसे प्रेम करना चाहता हूँ
जैसे तुम चाहती हो
मतलब जैसे हम दोनों चाहते हैं
किन्तु एक दिक्कत है !
हम दोनों की चाहतों के बीच
आ जाती हैं
विश्व की सबसे प्राचीन परम्परा,
संस्कृति, और पता नहीं क्या -क्या
आजकल आ रहा है 'आदित्यनाथ', गिरिराज, प्रज्ञा,
रामसेना, बजरंगी...... मौलानाओं की भीड़
खाप तैयार बैठा है पंचायत सजा कर
फांसी के फंदे और बंदूक के साथ
और सबसे आगे हैं ...
हमारे माँ-बाप , बहन का भाई
जो चुपके से करता है प्यार किसी से
बस उसे पसंद नहीं .... किसी और का प्यार करना !
अब बोलो ....मेरी जान
क्या करें ....
प्यार करें
या समझौता !
————————-
2.क्या तुझे शर्म नहीं आयी !
______________
दनकौर में,
मादरे हिन्द की बेटी को
नग्न किया गया
उस रात फिर
खूब रोए 'नागा बाबा'
बाबा ने मुझसे कहा -
देख रे -बेरोजगार ग्रेजुएट
इसी देश में आया था बुद्ध भटककर
कबीर भी
और फिर आया था
फ़कीर संत गाँधी
आज सभी रोए रात भर
देखने वाले देखते रहे -बे-शर्म
और मैं देता रहा खुद को तस्सली
कि, अब नहीं रहा इस देश में
मेरी गालियाँ भी अब हो चुकी है बेअसर
चल तू बता -
क्या सच में नहीं बदल पाए इस देश को
जिसे - हिन्दोस्तान कहते हैं !
देख , आज भी मादरे हिन्द की बेटी असहाय नग्न घूम रही है
तेरी जमीन पर ....
हिल उठी है मेरी आत्मा
क्या तुझे शर्म नहीं आयी !
या डरता है मरने से !
______________
- नित्यानंद गायेन
नित्यानंद गायेन