नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार किए जाने की सराहना की है और कहा है कि दोनों नेताओं ने यह दिखाया है कि वे आक्रामक तत्वों को रिश्ते के लिए एजेंडा तय करने की इजाजत नहीं देंगे।
उमर ने ट्विटर पर कहा है, ‘‘दो बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पहला मोदी का शरीफ को आमंत्रित करना और दूसरा शरीफ का इस न्यौते को स्वीकार करना। दोनों फैसले आसान नहीं थे। हम दोनों फैसलों की तारीफ करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कुछ लोगों ने शरीफ के भारत दौरे को लेकर आपत्ति जताई थी और ऐसे डर पैदा किया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को ‘एक तरफ का टिकट’ मिलने वाला है।
उमर ने कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता घटनाक्रम पर करीब से नजर रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में नई शुरुआत होगी। जम्मू कश्मीर की जनता करीब से नजर रखे हुए है।’’ उमर ने इस बात को भी रेखांकित किया कि मोदी और शरीफ के बीच मुलाकात सोमवार को मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली अन्य विदेशी हस्तियों की मौजूदगी को फीका कर देगी।
उन्होंने ट्विट किया, ‘‘मोदी और शरीफ के हाथ मिलाते हुए फोटो के ही मायने होंगे। बाकी सब फीका होगा।’’ मीडिया में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता और विदेश मंत्रालय के हवाले से पुष्टि की गई है कि शरीफ सोमवार को मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली की यात्रा पर जाएंगे।
उमर ने किसी ट्वीट को रिट्वीट करते हुए मजा लिया है कि शरीफ आ रहे हैं, शिव सेना 25 की रात को राष्ट्रपति का लॉन खोद देगी।