हिलेरी क्लिंटन ने माना सीरिया में अमरीका की हार हुई
हिलेरी क्लिंटन ने माना सीरिया में अमरीका की हार हुई
नई दिल्ली। सीरिया में सरकार विरोधियों को प्रशिक्षण देने और उन्हें सशस्त्र करके दमिश्क सरकार से मुक़ाबला करने की अमेरिकी नीति विफल हो गई है। यह स्वीकारोक्ति अमरीका की पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन ने की है।
प्रेस टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार हिलेरी क्लिंटन ने सीबीएस टीवी से बातचीत में स्वीकार किया है कि सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीका के सभी उपाय विफल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय सीरिया में अमरीका की स्थिति स्वीकार्य नहीं है और आज हम सीरिया में वाइट हाउस की सभी नीतियों को विफल होता देख रहे हैं। उन्होंने सीरिया सरकार के विरोधियों के लिए पेंटागन की ओर से पचास करोड़ डॉलर का बजट विशेष किए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा कि सीरियाई सरकार के विरोधियों को प्रशिक्षण देने का कोई लाभ नहीं हुआ है बल्कि इससे अमरीका ने केवल नुक़सान उठाया है।
बता दें कि सीरिया में मार्च वर्ष 2011 से संकट जारी है और दुनिया के अस्सी देशों के आतंकी, इस देश की सरकार और जनता पर हमले कर रहे हैं। सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों को अमरीका, ज़ायोनी शासन, सऊदी अरब, क़तर, तुर्की, जॉर्डन और अन्य अरब और पश्चिमी देशों का वित्तीय और सामरिक समर्थन प्राप्त है।


