नभाटा की एक खबर के मुताबिक

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इन 100 दिनों में 4600 किसानों ने खुदकुशी कर ली। 46 हजार से 69 हजार तक किसानों ने खुदकुशी की कोशिश की। पुलिस का कहना है 10 से 12 खुदकुशी की कोशिश में एक किसान की मौत हुई है। किसानों की आत्महत्या पर काम करने वाले एनजीओ 'स्नेहा' का कहना है कि 15 खुदकुशी की कोशिश में एक किसान की मौत हुई है।
इन 100 दिनों में दो लाख किसानों ने खेती छोड़ दी। पिछले 20 सालों से हर दिन 2 हजार किसान खेती छोड़ रहे हैं। किसान और खेत में काम करने वाले लोग इसे छोड़ दूसरे पेशे को अपना रहे हैं। देश के जाने माने पत्रकार पी. साईनाथ ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद ग्रामीण भारत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
1991 और 2001 के जनगणना के मुताबिक 7.2 मिलियन किसानों ने खेती छोड़ दी। 20 सालों में 20 मिलियन किसानों ने खेती छोड़ दी और यह सिलसिला मोदी सरकार में ज्यादा तेज गति से जारी है। मोदी सरकार के 100 दिनों में गांव से शहर की ओर नौकरी की मजबूरी में पलायन भी बढ़ा है। 100 दिनों में 10 हजार लोग रोजगार के लिए गांव से पलायन कर गए।
इन 100 दिनों में कुछ हजार बच्चों की मौत कुपोषण के कारण हो गई। पी. साईनाथ के मुताबिक इन 100 दिनों में मोदी सरकार ने एक लाख 45 हजार 7 सौ 50 करोड़ की छूट देश के सबसे अमीर 1 से 2 पर्सेंट लोगों को दी। वहीं दूसरी तरफ सरकार मनरेगा और खाद्य सुरक्षा के बजट में कटौती कर रही है।
जगदीश्वर चतुर्वेदी