नई दिल्ली। समाजसेवी अन्ना हजारे ने अब कमर कस ली है और ममता बनर्जी के साथ पूरे देश को मथने का रोड मैप तैयार हो चुका है। अन्ना-दीदी के संयुक्त अभियान की शुरूआत दिल्ली के उसी रामलीला मैदान से होगी जिस मैदान से अन्ना ने अरविंद केजरीवाल को पैदा किया था।
नई दिल्ली के 181 साउथ एवेन्यू में टीम अन्ना और तृणमूल कांग्रेस का वार रूम तैयार हो चुका है, उत्तर प्रदेश के बड़े जमीनी किसान नेता किसान मोर्चा के संयोजक विनोद सिंह को तृणमूल-टीम अन्ना की समन्वय समिति का चेयरमैन बनाया गया है। विनोद सिंह ने विधिवत् दिल्ली में बैठकर काम प्रारंभ कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक 181 साउथ एवेन्यू में मीडिया सेल भी बनाया जा रहा सै जो आगामी तीन मार्च से काम प्रारंभ कर देगा और प्रतिदिन सायं तीन बजे मीडिया सेल के लोग संवादाताओं से रू-ब-रू हुआ करेंगे। सूचना मिली है कि तृणमूल सांसद मुकुल रॉय 27 फरवरी को दिल्ली पहुँच रहे हैं और उनके आने के बाद समन्वय समिति की बैठक कर काम का बँटवारा कर दिया जाएगा।
पहले चरण में अन्ना के पुराने वालंटियर्स को फोन करके अन्ना के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जुड़ने के लिए कहा गया है। इस अभियान का असर देखने को भी मिला। आज लगभग 500 वालंटियर्स दिल्ली के कोने-कोने से इकट्ठा होकर 181 साउथ एवेन्यू पहुंचे। रामलीला मैदान में “मैं अन्ना हूँ” की जो टोपी पिछले आंदोलन का पहचान बनी थी और अरविंद केजरीवाल ने जिस टोपी को सबसे पहले उतारा था, आज का दिन दिल्ली में उस टोपी के लौटने का दिन था।
सूत्रों के मुताबिक आगामी 12 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान से अन्ना और ममता संयुक्त सभा कर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का शंखनाद करेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस सभा में कई जनप्रतिनिधि अन्ना का दामन थामकर ममता का जयघोष करेंगे।
सूत्रों का यह भी कहना है कि 15-20 मार्च के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक बड़ी रैली कर अन्ना अपने पूर्व चेले की रातों की नींद हराम कर देंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि अन्ना के पूर्व चेले के साथ देश भर का एनजीओ गैंग है जबकि अन्ना के साथ जनांदोलनों से जुड़े लोग हैं, जिनके ऊपर एनजीओ गैंग के मुकाबले भ्रष्टाचार से दुखी जनता का भरोसा ज्यादा है।