2 सितम्बर की देश व्यापी हड़ताल-अहमदाबाद में गिरफ्तारियां
2 सितम्बर की देश व्यापी हड़ताल-अहमदाबाद में गिरफ्तारियां
अहमदाबाद। देश की सभी ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 2 सितम्बर की देश व्यापी हड़ताल के तहत अहमदाबाद (गुजरात) में Trade Union Centre of India TUCI, Gujarat Mazdoor Sabha GMS, Gujarat Fedration of Trade Unions GFTU, Jan Sanghrash Manch JSM के बैनर तले सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे।
लगभग 1500 कर्मचारी (संगठित, असंगठित क्षेत्र) यूनियन के कार्यालय महाराणा काम्प्लेक्स पालडी पर इकट्ठे हो रहे थे, वहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।
पुलिस सुबह 9.50 से ही परिसर में जमा हो रहे लोगों को पकड़ कर पुलिस वैन में भरकर ले जाने लगी तो इसका वहां मौजूद अधिवक्ता अम्बरीश पटेल, शमशाद पठान, निर्झरी सिन्हा व अन्य कर्मचारी नेताओ ने विरोध किया कि कैसे आप निजी स्थल से लोगों को पकड़ सकते हैं।
महिलाओं की भारी संख्या को देखते हुए वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने और महिला पुलिस बल को बुलाया व सभी को गिरफ्तार कर पुलिस स्टेडियम ले गए।
इस दौरान सभी कर्मचारी सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस हड़ताल के समर्थन में भूमि अधिकार आन्दोलन गुजरात व अन्य प्रगतिशील संगठनो के कार्यकर्त्ता भी थे।
प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि गुजरात के मजदूरों के
1- न्यूनतम वेतन 22000 करने
2- पेंशन
3- ठेका मजदूरों का उत्पीडन
4- अहमदाबाद म्युनिसिपल कारपोरेशन के सफाई क्रमचारियों के स्थाई करण
5- श्रम कानून में मजदूर विरोधी बदलाव
6- ग्लोबलाइजेशन की नव उदारवादी नीतियों
7- ठेका प्रथा को समाप्त करने
8- व भू अधिकारों एवं श्रमाधिकारों के साथ कानून के साथ किसान व श्रम विरोधी छेड़छाड़ बंद की जाए।
9- आज़ादी के 70 वर्ष बाद भी अभी तक देश में प्रभावी भू अधिकार कानून को पारित नहीं किया गया है अब भूअधिग्रहण नहीं भूअधिकार कानून की जरूरत है।
10- सभी मज़दूर, कर्मचारी, दस्तकारों, पासमांदा बुनकरों ंऔर शोषित वंचित मेहनतकशों के बुनियादी श्रमाधिकार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो।
11- मेहनतकश वर्ग को अभिव्यक्ति की आज़ादी, संगठन बनाने की आज़ादी व सरकारी जनविरोधी नीतियों के विरोध करने की आज़ादी संविधान के अनुरूप मिली है इसके साथ छेड़छाड़ बर्दाश नहीं की जाएगी।
12- प्रदेश में किसी भी परियोजना चाहे वो कचरी पावर प्लांट हो, सड़कहाईवे कारीडोर हो, बांध जैसे परियोजना हो या फिर अन्य विकराल योजनाए उसके लिए पहले स्थानीय जनसमुदाय से सहमति ली जाए व इन परियोजनाओं के किए जा रहे अवैध भू-अधिग्रहण पर रोक लगाई जाए।
13- दलित, आदिवासीयों, अल्पसंख्यकों, श्रमजीवी समाज पर किए जा रहे माओवादी, आतंकवाद के नाम पर हमलों, फर्जी मुकदमों, फर्जी मुठभेड़ों एवं उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।
14- महत्वपूर्ण उद्योग जैसे रक्षा सम्बन्धी उद्योग और खुदरा व्यपार में विदेशी कम्पनियों को शामिल होने की छूट को वापिस किया जाए।
15- महिलाओं का उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए व उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
16- प्रदेश में वनाधिकार कानून के तहत प्राप्त सामुदायिक अधिकारों को प्रभावी प्रक्रिया के तहत मान्यता दी जाए।
17- लघुवनोपज जैसे मछली, तेंदु पत्ता, शहद आदि सहित तमाम लघुवनोपज वनाधिकार कानून संशोधन-2012 के तहत पर समुदाय के पूर्ण अधिकार दिए जाए व वनविभाग व वननिगम की वनाधिकार कानून के खिलाफ काम करने की भूमिका की जांच कर कर्मचारीयों को दंडित किया जाए।
18- देश में गौ रक्षा के नाम पर गौरक्षों द्वारा साम्प्रदायिक माहौल व गुंडागर्दी से पूरे श्रमजीवी समाज पर किए जा रहे जानलेवा हमलों को बंद किया जाए।
19- साम्प्रदायिक हिंसा विरोधी बिल को जल्द पारित किया जाए।
20- प्रदेश में एम्स जैसी अस्पताल की सुविधा क्षेत्रीय स्तर पर प्रदान की जाए व स्वास्थ एवं शिक्षा के निजीकरण को बंद कर शिक्षा को सार्वजनिक क्षेत्र के तहत लागू किया जाए।
21- पेसा कानून का शेडूल एरिया में तत्काल प्रभाव से अमल करो।


