2015 में बीएसएफ ने मार डाले 20 निहत्थे बांग्लादेशी नागरिक, बांग्लादेशी मीडिया में गुस्सा
2015 में बीएसएफ ने मार डाले 20 निहत्थे बांग्लादेशी नागरिक, बांग्लादेशी मीडिया में गुस्सा
नई दिल्ली। भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने इस वर्ष कम सम कम 20 निहत्थे बांग्लादेशी नागरिक मार डाले और 29 घायल कर दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा से पहले यह खबरें बांग्लादेशी मीडिया में सुर्खियां बनी रहीं।
बांग्लादेश के मानवाधिकार संगठन “अधिकार” ने बीते बुधवार को एक आंकड़ा जारी करते हुए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद से मांग की कि नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता में निरपराध व निहत्थे बांग्लादेशी नागरिकों की भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हत्या का मामला उठाया जाए।
मानवाधिकार कार्यकर्ता नूर अहमद ने कहा कि हम आशा करते हैं कि उच्च स्तरीय वार्ता में सीमा पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा हत्याओं पर चर्चा होगी और भारतीय प्रधानमंत्री को इन हत्याओं को जीरो लेवल पर लाने के लिए औपचारिक घोषणा करनी चाहिए।
नूर अहमद ने कहा कि हम भारत से वायदा लेना चाहते हैं कि भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा घातक हथियारों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
राइट्स प्रहरी Odhikar, ने एक बयान में कहा, कि कोई भी स्वतंत्र और संप्रभु देश निष्क्रिय होकर दूसरे राज्य द्वारा अपने निर्दोष नागरिकों की अंधाधुंध हत्याएं और उत्पीड़न होते नहीं देख सकता।
अधिकार के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीएसएफ ने 01 जनवरी 2015 से 31 मई 2015 के बीच 20 निहत्थे बांग्लादेशी नागरिकों को मार डाला और 29 को घायल कर दिया, जबकि 01 जनवरी 2000 से 31 मई 2015 के बीच 1055 को मार डाला और 948 को घायल कर दिया। अधिकार के अनुसार पिछले पंद्रह वर्षों में सीमा पर कम सम कम 15 घटनाएं बलात्कार की हुईं।
ढाका विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर इम्तियाज अहमद ने कहा कि 70 प्रतिशत हत्याएं पशु व्यापार के कारण होती हैं, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की शिखर वार्ता में पशु व्यापार के मुद्दे पर बिना किसी हिचक के बात होनी चाहिए।


