इतिहास के झरोखे से 21 दिसंबर
“तारीख गवाह है“ डीबीलाइव के साथ
DBLIVE | 21 DEC 2016 | TODAY’S HISTORY | AAJ KA ITIHAS
21 दिसंबर 1891 को 'श्रमिक आन्दोलन' के सूत्रधार तथा 'सहकारिता आन्दोलन' के प्रणेता ठाकुर प्यारेलाल सिंह का जन्म हुआ था।
साल 1920 में राजनांदगांव में मिल मज़दूरों ने हड़ताल की थी, जो 37 से भी अधिक दिनों तक चली और मिल अधिकारियों को मज़दूरों की सभी मांगें मंजूर करनी पड़ी थीं।
इस हड़ताल का नेतृत्व ठाकुर प्यारेलाल ने किया था।
साल 1920 में प्यारेलाल पहली बार महात्मा गांधी के संपर्क में आए।
असहयोग आन्दोलन और सत्याग्रह आन्दोलन में उन्होंने सक्रिय भाग लिया और गिरफ़्तार होकर जेल भी गए।
साल 1945 में अविभाजित मध्य प्रदेश के बुनकरों को संगठित करने के लिए उनके नेतृत्व में 'छत्तीसगढ़ बुनकर सहकारी संघ' की स्थापना हुई थी।
ठाकुर प्यारेलाल सिंह प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को शोषण और अत्याचार से मुक्त कराने की दिशा में सदा सक्रिय रहे।

21 दिसंबर 1898 में मैरी क्यूरी और उनके पति पियर ने रेडियम की खोज की थी।
खनिज का अध्ययन करते हुए जब उन्होंने उससे यूरेनियम अलग कर दिया तो पाया कि बाकी बचे हिस्से में अभी भी कोई रेडियोधर्मी तत्व बाकी था। उन्होंने इस तत्व को रेडियम नाम दिया।
साल 1910 में क्यूरी और आंद्रे लुईस डेबिएर्न ने विद्युत अपघटन की प्रक्रिया से रेडियम को शुद्ध धातु के रूप में अलग किया, जिसके बाद साल 1936 को अमेरिका में पहली बार कृत्रिम रेडियम बनाया गया, यह रेडियम ई कहलाया।
यह प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से तैयार किया जाने वाला पहला रेडियोधर्मी तत्व था।

रेडियम की चमकीली प्रकृति के कारण इसका इस्तेमाल शुरू में पेंट, कपड़ों, घड़ी की सूइयों इत्यादि में हुआ।
इसके अलावा कई चिकित्सीय कारणों से उसका इस्तेमाल दंतमंजन, बालों की क्रीम और कई दूसरी दवाइयों के अलावा कैंसर के इलाज के लिए भी हुआ। लेकिन 1940 तक आते-आते इसकी रेडियोधर्मी प्रवृत्ति की वजह से विकिरण के नुकसान सामने आए और इसके पेंट, कपड़ों या दवाइयों इत्यादि में इस्तेमाल पर कई देशों में पाबंदी लगा दी गई।
21 दिसंबर 1939 को हिन्दी गद्य साहित्य के महान साहित्यकार, पत्रकार और युगविधायक महावीर प्रसाद द्विवेदी का निधन हुआ था।
साल 1903 में महावीरप्रसाद द्विवेदी ने ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक का पद संभाला और हिन्दी भाषा के निर्माण का दायित्व बखूबी निभाया था।

उन्होंने हिन्दी भाषा में मौलिक लेखन और संस्कृत, अंग्रेजी सहित कई भाषाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकों का हिन्दी में अनुवाद भी किया है।
द्विवेदी जी की रचनाओं का महत्त्व इस सन्दर्भ में विशेष उल्लेखनीय है कि उनके समय में अधिकांश साहित्यकार और विद्वान हिन्दी भाषा में साहित्य की रचना तो कर रहे थे, लेकिन ज्ञान-विज्ञान के अन्य विषयों को व्यक्त करने के लिए हिन्दी भाषा को माध्यम नहीं बना रहे थे।
‘देवी स्तुति शतक’, ‘कान्यकुब्जावलीव्रतं’, ‘समाचार पत्र सम्पादक स्तव:’, ‘नागरी’, ‘कान्यकुब्ज-अबला-विलाप’ और ‘काव्य मंजूषा’ उनकी बेहतरीन रचनाएं हैं।
21 दिसंबर 1962 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी और ब्रितानी प्रधानमंत्री हैरल्ड मैकमिलन ने बहामास में बातचीत के बाद एक बहुआयामी नैटो परमाणु बल बनाने का फ़ैसला किया था।

इस समझौते के मुताबिक अमेरिका अब ब्रिटेन को पोलैरिस मिसाइल बेच सकेगा।
राष्ट्रपति कैनेडी ने फ़्रांस के सामने भी यही प्रस्ताव रखा था जिससे एक त्रिपक्षीय सौदा हो सके। पोलैरिस एक ऐसी रॉकेट प्रणाली थी, जो पानी के भीतर ही पनडुब्बी के ज़रिए छोड़ी जाती है। इसमें आधे मेगाटन का परमाणु हथियार होता है। समझौते के तहत ब्रितानी सरकार पनडुब्बी बनाएगी और पोलैरिस के लिए हथियार तैयार करेगी, जिसमें अमेरिकी तकनीकी सहयोग होगा। लेकिन इस समझौते के बाद यह आशंका व्यक्त की जाने लगी कि ब्रिटेन अपने परमाणु प्रतिरोध के लिए काफ़ी हद तक अमेरिका पर निर्भर हो जाएगा।
तीन दिवसीय शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें मैकमिलन ने साफ किया कि पोलैरिस मिसाइल का इस्तेमाल नैटो देशों की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया जाएगा।
21 दिसंबर 1988 को स्कॉटलैंड की सीमा के नज़दीक़ लॉकरबी शहर में एक PAN-AM 747 जंबो जेट 258 यात्रियों के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में सभी लोग मारे गए थे।

फ़्लाइट 255 वयस्कों और तीन बच्चों के साथ भरी हुई थी।
बोइंग 747 लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से शाम छह बजे उड़ा और न्यूयॉर्क के जेएफ़के हवाई अड्डे जा रहा था। सात बजे के कुछ ही देर बाद विमान रडार से ग़ायब हो गया और सात बजकर आठ मिनट पर ख़बरें आईं कि स्कॉटलैंड की सीमा से 15 मील उत्तर में एक बड़ा विस्फोट हुआ है।
दुर्घटना का पूरा ब्यौरा तो नहीं मिला लेकिन अधिकारियों ने बताया कि विमान कारों और घरों पर जा गिरा है। जिसके बाद शहर के हिस्से ख़ाली करा लिए गए और एक बड़े से हॉल को शरणार्थी केंद्र बना दिया गया।