25 अगस्त- आज ही हुए थे मुंबई में दो कार बम धमाके
25 अगस्त- आज ही हुए थे मुंबई में दो कार बम धमाके
इतिहास के झरोखे से आज का दिन 25 अगस्त, डीबी लाइव के साथ
DBLIVE | 25 August 2016 | Today's History
25 अगस्त 1768 में ब्रिटेन के जेम्स कुक अपनी पहली साहसिक समुद्री यात्रा पर निकले थे।
इसी यात्रा के दौरान कुक ने ऑस्ट्रेलिया की खोज की और प्रशांत महासागर के जलमार्ग बताने वाले नक्शे तैयार किए।
कैप्टन कुक की वजह से इंसान ने 5000 मील का तटीय इलाका खोज डाला।
प्रशांत महासागर की कई अहम जानकारियां पहली बार यूरोप तक कुक के ज़रिए ही मिलीं।
जेम्स कुक तीन बार लंबी समुद्री यात्राओं पर निकले थे।
1779 में हवाई के पास जेम्स कुक के जत्थे का स्थानीय लोगों से विवाद हो गया।
कुक अपने दल की एक नाव चोरी होने से ख़फ़ा थे। यह विवाद इतना बढ़ा कि कुक और उनके चार साथियों की हत्या कर दी गई।
25 अगस्त 1944 में जर्मनी की ग़ुलामी से फ़्रांस आज़ाद हुआ था।
चार साल तक हिटलर की सेनाओं के कब्ज़े में रहने के बाद फ़्रांस के सैनिक दोबारा पेरिस में दाख़िल हुए।
जनरल फ़िलिप लेक्लेयर के नेतृत्व में फ्रांसीसी सैनिकों ने जर्मन सैनिकों से मुकाबला किया। सड़कों के दोनों तरफ खड़े पेरिसवासियों ने फ़्रांसिसी सैनिकों और उनके साथ जर्मनी से लड़ने वाले विजयी अमेरिकी और अन्य मित्र राष्ट्रों के सैनिकों का स्वागत किया।
25 अगस्त 1989 में मानव निर्मित उपग्रह वॉयजर द्वितीय सूर्य की परिक्रमा कर रहे दूरस्थ ग्रह नेप्चून की कक्षा में जा पहुंचा था।
इस यान ने सफलता पूर्वक वरुण ग्रह और उसकी परिक्रमा कर रहे प्राकृतिक उपग्रहों की तस्वीरें पृथ्वी पर भेजना शुरू कीं।
सूर्य की परिक्रमा कर रहे ग्रहों में से केन्द्र से सबसे दूर वरुण ग्रह है। यह पृथ्वी से भी दो खरब मील से ज़्यादा दूरी पर मौजूद है।
इससे पहले वॉयजर द्वितीय गुरु, शनि और यूरेनस ग्रह की तस्वीरें भी भेज चुका था, लेकिन वरूण ग्रह की कक्षा में पहुंचना वॉयजर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।
वैज्ञानिकों ने पाया कि वरुण की नीली आभा उसके वातावरण में चारों तरफ़ मौजूद मीथेन गैस की वजह से है। इसके अलावा इसकी कक्षा में मौजूद छह चांदों की भी पहचान की गई।
वॉयजर द्वितीय को महज़ पांच वर्षों के लिए बनाया गया था, लेकिन यह आज तक वैज्ञानिकों के संपर्क में है।
25 अगस्त 2003 में मुंबई में दो कार बम धमाके हुए थे।
कुछ मिनटों के अंतराल में दोनों धमाके हुए।
पहला धमाका गेट वे ऑफ़ इंडिया के बाहर हुआ और दूसरा धमाका भीड़भाड़ भरे ज़वेरी बाज़ार के बाहर हुआ था।
दोनों धमाके बारूद से भरी टैक्सियों के ज़रिये किए गए थे। इन धमाकों में कम से कम 44 लोग मारे गए और 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे।
इस धमाके की किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली, लेकिन सरकार का मानना था कि यह हमला पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैयबा ने किया।
पाकिस्तान ने फ़ौरन इन धमाकों की निंदा की और उनके प्रवक्ता ने कहा कि इन धमाकों के पीछे हो सकता है कि वो लोग हो जो कि अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद ढांचे के गिराए जाने से नाराज़ हो।
25 अगस्त 2012 में चांद पर क़दम रखने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति नील आर्मस्ट्रांग का निधन हुआ था।
15 वर्ष की आयु में नील आर्मस्ट्रांग ने फ्लाइट सर्टिफिकेट हासिल कर लिया था और विमान उड़ाना शुरू किया। 1969 में इन्होंने चांद पर कदम रखा।
चांद की सतह पर अपना बायां पांव रखने के साथ ही नील आर्मस्ट्रॉंग ने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि एक मनुष्य का छोटा सा कदम, पर मनुष्यता के लिए बहुत बड़ी छलांग। उन्होंने चांद की सतह को कोयले के चूरे की तरह बताया।
जहां उनका यान उतरा था, वहां क़रीब एक फुट गहरे गड्ढ़े पड़ गए थे। इस ऐतिहासिक क्षण को उनके यान पर लगे कैमरे ने कैद किया। उतरने के फ़ौरन बाद आर्मस्ट्रॉंग ने सबसे पहले चांद की सतह की तस्वीरें लीं और उसकी मिट्टी के कुछ नमूने एकत्र किए।
(समाचार और राजनीति)
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