5 राज्यों में जनमत का रुझान
5 राज्यों में जनमत का रुझान
पांच विधानसभा चुनावों के लिए
राजनैतिक दलों की जद्दोजहद और जनमत का रुहाण …!
श्रीराम तिवारी
देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारी लगभग पूर्ण हो चुकी हैं, चुनाव आचार संहिता लागू है। ईवीएम- वोटिंग मशीन अब केवल मतदाताओं के बटन दबाने का इंतज़ार कर रही है, इस दफ़ा इस मशीन में "नोटा" यानी 'कोई नहीं' का प्रावधान किया जा रहा है। उनतकनीकी, युवाओं की ज़ागरूकता और नए नेतृत्व के आगाज़ की अग्नि परीक्षाओं से सभी प्रमुख दलों में हार-जीत को लेकर कशमकश भरी बैचैनी है, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया और प्रिंट मीडिया भी सिद्धांत से अपने काम पर लगा हुआ है। राजनैतिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोपों की बानगी शिखर पर है। टिकाटार्थियों की भीड़ और उससे वंचित नेताओं का कांग्रस और भाजपा में आक्रोश चरम पर है। चुनाव विश्लेषण और तत्त्संबंधी स्थिति परिवर्तन के विमर्श का दौर जारी है। पूर्वानुमान और कायास भी भिजाए जा रहे हैं। इस मौके पर सुधीजनों का इस विमर्श में सार्थक हस्तक्षेप भी जरूरी है।
चूंकि राजनैतिक दल अपने फायदे के लिए वर्चुअल इमेज और तदनुसार अपने पक्ष में 'जनमत' बनाये हैं। इसके लिए तत्स्थ एवं प्रदूध मीडिया, सुजनशील, सहित्यकार और वर्ग चेतना से संबंधित सरोकार भी सामने आ रहे हैं।


