डॉ. अमिता शर्मा तिवारी

अमेरिका के राजधानी के समीपी चार्टर स्कूल में 7 अप्रैल को एक प्रोग्राम हुआ जिसका थीम विषय था 'सच्चाई'।
बड़े से परदे पर लिखा आया 'ट्रुथ'
ट्रुथ'(सच ने आसमान का रूप ले लिया
फिर आसमान पर एक सूरज चमका
एक तस्वीर उभरी ' महात्मा गांधी'।)
तस्वीर दिखते ही सैंकड़ों बच्चे एक साथ चहके "गैंधी गैंधी गैंधी गैंधी"
रोमांच हो आया
रोम रोम आल्हादित हो उठा
सीना गर्व से तन गया। ...
लगभग चालीस बच्चों ने कोर्स में गांधी का सच्चा का संदेश गाया
नेत्र सजल हो गये
अभिमान हो आया कि हम उस देश की संतान हैं जिसकी नींव रखने वाले वो गांधी थे जिनके संदेश के सामने सीमाएं अपने मायने खो देती हैं वक्त बेबस हो जाता है। जो बाकि रहता है वो शास्वत सत्य।
हर स्थिति में मनुष्य होने का मतलब ,दूसरों को मनुष्य समझना।
काश ! बस एक गांधी हर काल में अपने देश में रह रहे होते।

डॉ. अमिता शर्मा तिवारी। अमेरिका में वाशिंगटन डी.सी. में निवास। स्थानीय विश्वविद्यालयों में दक्षिण- एशिया अध्ययन विभाग से सम्बद्ध। पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन। चार पुस्तकें प्रकाशित। रेडियो, टेलीविजन से पुराना नाता। मूलत: हिमाचल प्रदेश भारत से! बकौल डॉ. अमिता- "सूदूर भारत देश में कुछ खिसकता है तो यहाँ भी मन सिसकता है। एक हार्दिक कामना है कि अपना देश अपने मूल्यों को पहचाने, स्वयं पर गर्व करना सीखे। इसी संदेश को लेकर लेखनी कसरत करती है।"