आपकी नज़र - Page 136
बुरी है आग पेट की, बुरे हैं दिल के दाग़ ये, न दब सकेंगे, एक दिन बनेंगे इन्क़लाब ये...
बुरी है आग पेट की, बुरे हैं दिल के दाग़ ये, न दब सकेंगे, एक दिन बनेंगे इन्क़लाब ये...
महानता के आख्यान के बीच अप्रिय स्वर - जल्द ही दूसरे एमजे अकबर हो सकते हैं हरिवंश
महानता के आख्यान के बीच अप्रिय स्वर - जल्द ही दूसरे एमजे अकबर हो सकते हैं हरिवंश



