आपकी नज़र - Page 32

“तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा” !!
आपकी नज़र

“तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा” !!

हस्तक्षेप | आपकी नज़र पीयूष मिश्रा गिरे हुए पैसे उठाने के लिए झुको-मगर गिरो तो थोड़ा सलीके से गिरो !! अग्रज कवि नरेश सक्सेना ने कहा तो है; "चीजों के...

स्त्री को स्त्री की नजर से देखने की कोशिश है देह और प्रज्ञा के बीच
आपकी नज़र

स्त्री को स्त्री की नजर से देखने की कोशिश है देह और प्रज्ञा के बीच

हस्तक्षेप | शब्द एक लड़की की उधेड़बुन बाजार की चकाचौंध के विरुद्ध संघर्ष करती लड़की कहती हैः मेरी देह में एक आत्मा भी है, इसका मैं क्या करूं? यहाँ...

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