आपकी नज़र - Page 34
राजस्थानी लोकगीतों में आज भी जिंदा है क्रांतिनायक विजय सिंह पथिक के आंदोलन की गूँज
Life and struggle of Vijay Singh 'Pathik': अन्याय और भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए यह महान योद्धा 28 मई 1954 को इस संसार को अलविदा कह गए। क्रांतिनायक...
क्या सामाजिक बुराइयों को कानून बनाकर समाप्त किया जा सकता है? जानिए क्या कहते हैं जस्टिस काटजू
बहरहाल, बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसी सामाजिक-आर्थिक बुराइयों को उनके खिलाफ कानून बनाकर खत्म किया जा सकता है? मैं निवेदन करता हूं कि वे नहीं कर सकते,...














