शून्य के भी आँसू आँखों से लहू बनकर टपके-मीना कुमारी... काश मीना कुमारी सिर्फ नारी होती
शून्य के भी आँसू आँखों से लहू बनकर टपके-मीना कुमारी... काश मीना कुमारी सिर्फ नारी होती
कौन-सा धर्म ? कौन-सी- संस्कृति ? कौन-सी क़ानून व्यवस्था ? कौन-सा राज्य ? कौन-सी पार्टी ? कौन-सा नेता...
कौन-सा धर्म ? कौन-सी- संस्कृति ? कौन-सी क़ानून व्यवस्था ? कौन-सा राज्य ? कौन-सी पार्टी ? कौन-सा नेता ?




