ओमान सागर में जहाज़ ज़ब्ती को लेकर ईरान के आरोप: अमेरिका पर ‘समुद्री डकैती’ और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन के दावे

ओमान सागर में जहाज़ ज़ब्ती पर ईरान का आरोप: अमेरिका पर ‘समुद्री डकैती’ और अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का दावा

संयुक्त राष्ट्र को लिखे पत्र में ईरान ने आरोप लगाया है कि 19 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने ओमान सागर में उसके वाणिज्यिक जहाज़ ‘तौस्का’ को ज़ब्त कर लिया। तेहरान ने इसे संघर्ष-विराम का उल्लंघन और समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए जहाज़ और क्रू की बिना शर्त रिहाई की मांग की है।

UNSG और UNSC को लिखे एक पत्र में, ईरान ने इस आक्रामक और समुद्री डकैती वाले कृत्य की कड़ी और स्पष्ट शब्दों में निंदा करने, इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों की पूरी जवाबदेही तय करने, और जहाज़, उसके क्रू तथा इस घटना से प्रभावित सभी लोगों की तत्काल और बिना किसी शर्त रिहाई की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि

"19 अप्रैल को, ओमान सागर में ईरान के तट के पास, अमेरिकी सेना ने ईरान के कमर्शियल जहाज़ 'तौस्का' पर हमला किया और उसे ज़ब्त कर लिया, साथ ही उसके क्रू को बंधक बना लिया। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है, संघर्ष-विराम का स्पष्ट उल्लंघन है, और यह एक ऐसा आक्रामक कृत्य है जिसमें समुद्री डकैती के सभी लक्षण मौजूद हैं। इस तरह का लापरवाह रवैया सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवागमन को खतरे में डालता है और समुद्री सुरक्षा व संरक्षा को कमज़ोर करता है।"

Update: 2026-04-22 05:53 GMT

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