खरगे के बयान पर सियासी घमासान: भाजपा की चुनाव आयोग से शिकायत, आरोप-प्रत्यारोप तेज़
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर विवाद—किरण रिजिजू और अमित शाह ने की कड़ी प्रतिक्रिया, चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
दिल्ली में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित बयान को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और अमित शाह ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की, जबकि विपक्ष ने भी आचार संहिता और चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, "आज भाजपा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला है...हम बहुत दुखी मन और आक्रोशित होकर चुनाव आयोग से मिले हैं...आज उनसे मिलने का मुख्य मुद्दा यह है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के लिए जो शब्द इस्तेमाल करते हुए उनको अपमानित करने का काम किया, मुझे लगता है कि यह विषय सिर्फ भाजपा का नहीं है, यह हमारे देश का विषय है, लोकतंत्र का विषय है...मुझे नहीं लगता है कि आज तक किसी राजनीतिक पार्टी ने ऐसा अपशब्द प्रधानमंत्री के लिए प्रयोग किया है...प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना, आप सब कांग्रेस की मानसिकता समझ सकते हैं...उन्होंने आज सारी सीमाएं पार कर दी हैं...हमने मांग की है कि इसपर सख्ती से कार्रवाई की जाए और यह भी मांग की है कि मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस पार्टी पूरे देश के लोगों से माफी मांगे..."
इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया था,
"हर दिन कांग्रेस अपने व्यवहार में नए निचले स्तर पर जा रही है, पब्लिक में बातचीत का स्टैंडर्ड गिराने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। आज, कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे ने पब्लिक व्यवहार के हर स्टैंडर्ड को तोड़ दिया और भारत के चुने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहकर देश को शर्मसार किया। देश के सबसे बड़े नेता का यह अपमान उन लाखों लोगों का अपमान है जो प्रधानमंत्री मोदी को प्यार और सपोर्ट करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी जैसे नेता को आतंकवादी कहना, जिन्होंने पिछले 12 सालों में आतंकवाद पर पूरी तरह से लगाम लगाई है, बहुत निंदनीय है। जब भी कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी को गाली देती है तो भारत की जनता ही उन्हें जवाब देती है। इस बार भी जनता जवाब देगी।"
उधर कल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा था कि चुनाव के बीच में प्रधानमंत्री द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
खरगे ने कहा, "चुनाव आयोग (EC) BJP के दफ़्तर के विस्तार की तरह काम कर रहा है।
पहले हमने वोटर लिस्ट में हेरफेर देखा; फिर उन्होंने SIR की कोशिश की, और अब वे परिसीमन आयोग को कंट्रोल करना चाहते हैं।
PM मोदी एक अलग ही कहानी गढ़ रहे हैं, यह दावा करते हुए कि विपक्षी पार्टियों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था।
महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही पास हो चुका था, और हम सभी ने इसका समर्थन किया था। हमने उनसे कहा था कि इसे 543 लोकसभा सीटों की मौजूदा संख्या के साथ ही तुरंत लागू किया जाए।
अब, अचानक, वे यह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध किया था और इसी वजह से यह पास नहीं हो पाया।
यह महिला आरक्षण बिल नहीं है; यह तो परिसीमन है। इसीलिए सभी विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया था।"