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दंगा भड़काने में राजनीति का जितना हाथ है, उससे कम पत्रकारिता का नहीं, शुक्र है कि अब मैं पत्रकार नहीं हूं
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दंगा भड़काने में राजनीति का जितना हाथ है, उससे कम पत्रकारिता का नहीं, शुक्र है कि अब मैं पत्रकार नहीं...

दंगा भड़काने में राजनीति का जितना हाथ है, उससे कम पत्रकारिता का नहीं, शुक्र है कि अब मैं पत्रकार नहीं हूं

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