स्तंभ - Page 189

डॉ लोहिया जेपी
स्तंभ

जेपी- आज भी तलाश है इस अंधेरी कोठरी में किसी रोशनदान की, जबकि अंधेरा और गहराता जा रहा है.......

जेपी- आज भी तलाश है इस अंधेरी कोठरी में किसी रोशनदान की, जबकि अंधेरा और गहराता जा रहा है.......

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