स्तंभ - Page 86
महान कवि लिखते तो गांव पर हैं और अपने गांव भी नहीं जा पाते
महान कवि लिखते तो गांव पर हैं और अपने गांव भी नहीं जा पाते
मास्क नहीं पहना ! दीजिए पांच हजार ! जनता को लूट कर ही खजाना भरोगे क्या सरकार !
मास्क नहीं पहना ! दीजिए पांच हजार ! जनता को लूट कर ही खजाना भरोगे क्या सरकार !













