राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी: SIT जांच के बीच जस्टिस काटजू ने क्या कहा?
अयोध्या राम मंदिर में भक्तों के दान की कथित हेराफेरी की जांच SIT कर रही है। जानिए अब तक क्या सामने आया, पुलिस जांच की स्थिति और जस्टिस मार्कंडेय काटजू की प्रतिक्रिया

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राम मंदिर दान में कथित ₹7 करोड़ की हेराफेरी: SIT जांच और जस्टिस काटजू की टिप्पणी
- अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी, जांच और उठते सवाल
- राम मंदिर के दान में कथित अनियमितता: अब तक क्या सामने आया?
- अयोध्या राम मंदिर दान हेराफेरी का मामला क्या है?
- SIT जांच में अब तक क्या सामने आया?
- पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया है?
मंदिर दान की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम करती है?
- जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने क्या टिप्पणी की?
- धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही क्यों जरूरी है?
राम मंदिर में लूट
जस्टिस मार्कंडेय काटजू
अयोध्या राम मंदिर में भक्तों के नकद दान से लगभग 7 करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप सामने आए हैं। एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, और पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, और गिनती के काम में शामिल मंदिर के एक पुराने कर्मचारी के घर से लगभग 10-12 लाख रुपये बिना हिसाब के कैश बरामद किया है।
चूंकि पुलिस जांच चल रही है, इसलिए मैं इस मामले पर कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगा, सिवाय इसके कि ऐसा लगता है कि राम भक्तों ने भगवान राम को भी नहीं बख्शा। मुझे याद आ रहा है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक सीनियर वकील ने मुझसे क्या कहा था, जब मैं वहां जूनियर वकील था (1970 के दशक में):
इस देश में अगर आपका पिछला हिस्सा आपके शरीर से जुड़ा न हो, तो लोग उसे भी लेकर भाग जाते हैं।
हरिओम
(जस्टिस काटजू भारत के सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)
FAQs
राम मंदिर दान मामले में क्या आरोप हैं?
दान की नकदी की गिनती से जुड़े कथित गबन की जांच की जा रही है। कई गिरफ्तारियाँ हुई हैं और नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच जारी है।
क्या ₹7 करोड़ की चोरी साबित हो चुकी है?
नहीं। यह जांच का विषय है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
क्या SIT का गठन हुआ है?
हाँ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।


