डॉ संदीप पांडे पर आरोप कुलपति के दिमागी दिवालिएपन का सबूत
The allegations against Dr. Sandeep Pandey are proof of the Vice Chancellor's mental bankruptcy.. लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर खतरे की निशानी..भाई वैद्य ने कहा कि ऐसे आरोप लोकतंत्र की आत्मा — विचारों की स्वतंत्रता — पर हमला हैं।

भाई वैद्य का बयान — बीएचयू कुलपति का आरोप “मानसिक दिवालिएपन” का प्रमाण
वरिष्ठ समाजवादी नेता भाई वैद्य ने कहा कि डॉ संदीप पांडे पर ‘नक्सली’ होने का आरोप बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति के दिमागी दिवालिएपन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डॉ पांडे गांधीवादी और लोकतांत्रिक समाजवादी हैं जो वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं...
नई दिल्ली। जाने-माने वरिष्ठ समाजवादी नेता और सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष भाई वैद्य ने कहा है कि डॉ संदीप पांडे पर नक्सली होने के आरोप बीएचयू के कुलपति के दिमागी दिवालिएपन का सबूत है।
भाई वैद्य ने बताया कि डॉ संदीप पांडे सोशलिस्ट पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। आचार्य नरेंद्रदेव, जेपी, डॉ लोहिया, अच्युत पटवर्धन, यूसुफ मेहर अली जैसे चिंतकों द्वारा पोषित भारत के समाजवादी आंदोलन और विचारधारा की वाहक सोशलिस्ट पार्टी भारतीय चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक पार्टी है। पार्टी का संविधान एवं नीतिपत्र चुनाव आयोग में जमा हैं और उसके सभी प्रस्ताव, प्रेस विज्ञप्तियां एवं कार्यक्रमों संबंधी ब्योरे मीडिया और पार्टी के रिकार्ड में उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ पांडे खुद लंबे अरसे से समाज के वंचित तबकों के हकों के लिए लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष करते आ रहे हैं। वे देश ही नहीं, विदेश में भी गांधीवादी कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। राजनीतिक-सामाजिक समझ रखने वाले सभी नागरिकों को इन तथ्यों की जानकारी है। इसके बावजूद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के कुलपति ने डॉ पांडे पर ‘राष्ट्र-द्रोही’ और ‘नक्सली’ होने का आरोप लगाया है। यह उनके दिमागी दिवालिएपन का सबूत है।
भाई वैद्य ने कहा कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी एक केंद्रीय यूनिवर्सिटी है, देश के राष्ट्रपति जिसके विजिटर होते हैं। सोशलिस्ट पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति से इस पूरे प्रकरण की समुचित जांच की विनम्र अपील करते हुए जांच निष्पक्ष और कुलपति के अविलंब निलंबन की मांग की है।


