तुम तो बिलकुल हम जैसे निकले ... जिन बातों पर हंसी आती थी, उन पर रोना आ रहा है
तुम तो बिलकुल हम जैसे निकले ... जिन बातों पर हंसी आती थी, उन पर रोना आ रहा है
क्रूर नोटबंदी के पांच साल
क्रूर नोटबंदी के पांच साल
तुम तो बिलकुल हम जैसे निकले ... जिन बातों पर हंसी आती थी, उन पर रोना आ रहा है
क्रूर नोटबंदी के पांच साल