हस्तक्षेप - Page 418
ये अब नहीं चलेगा कि लोकतंत्र भी रहे और जनता के लेखकों की हत्या भी सरेआम होती रहे
ये अब नहीं चलेगा कि लोकतंत्र भी रहे और जनता के लेखकों की हत्या भी सरेआम होती रहे
मेरा देश तुम्हारी घृणा की प्रयोगशाला नहीं है
मेरा देश तुम्हारी घृणा की प्रयोगशाला नहीं है












