हस्तक्षेप - Page 57
अनपढ़ मार्क्सवादियों से मार्क्सवाद को सबसे ज्यादा ख़तरा है
राजनीति और विचारधारात्मक कार्यों में कोई अछूत नहीं होता। लोकतंत्र में जो वामपंथी अछूतभाव की वकालत करते हैं, मैं उनसे पहले भी असहमत था आज भी असहमत हूँ।
क्या मार्क्सवाद जिंदाबाद करने से ही काम चल जाएगा?
वामपंथी दोस्त क्रांति का बिगुल बजा रहे हैं और यह उनका हक है और उनको यह काम करना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे देश में लोकतंत्र संकट में है क्रांति नहीं।












