Why is high blood pressure called the ‘silent killer’? Neurologist Dr. Sudhir Kumar explains the importance of regular check-ups.
हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रहता है। अपोलो हॉस्पिटल्स हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने नियमित BP जांच, घर पर मॉनिटरिंग और हृदयाघात व स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के उपाय बताए हैं...

Why is high blood pressure called the ‘silent killer’? Neurologist Dr. Sudhir Kumar explains the importance of regular check-ups.
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण न दिखना भी हो सकता है खतरनाक संकेत
- हाई BP को साइलेंट किलर क्यों कहा जाता है
- हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण क्यों नहीं दिखाई देते
- घर पर BP कैसे नियमित चेक करें
- हाई BP से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
- ब्लड प्रेशर की नियमित जांच क्यों जरूरी है
- हाइपरटेंशन में BP मॉनिटरिंग का महत्व
हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रहता है। अपोलो हॉस्पिटल्स हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने नियमित BP जांच, घर पर मॉनिटरिंग और हृदयाघात व स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के उपाय बताए हैं...
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026. हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जो लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के शरीर को प्रभावित कर सकती है। इसी कारण इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। व्यक्ति को सिरदर्द, चक्कर या सीने में दर्द जैसी कोई शिकायत न होने के बावजूद उसका रक्तचाप सामान्य से अधिक हो सकता है।
अपोलो हॉस्पिटल्स हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार (Dr Sudhir Kumar MD DM) ने सोशल मीडिया पर अपने रक्तचाप का उदाहरण साझा करते हुए लिखा, “आज मेरा BP: 124/61, पल्स 53 है।” इसके साथ उन्होंने लोगों को नियमित रूप से अपना BP जांचने की सलाह दी।
हाई BP में लक्षण न होना सबसे बड़ी चुनौती
डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, हाई BP की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि इसके सबसे आम मामलों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता। बहुत से मरीजों को सिरदर्द, चक्कर आना या सीने में दर्द जैसी तकलीफ महसूस नहीं होती।
यही कारण है कि केवल शारीरिक लक्षणों के आधार पर यह मान लेना उचित नहीं है कि रक्तचाप (BPः सामान्य है। नियमित जांच से रक्तचाप में हुई वृद्धि का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
दिल, दिमाग और गुर्दों को कर सकता है प्रभावित लंबे समय तक बढ़ा BP
लंबे समय तक अनियंत्रित उच्च रक्तचाप शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव डाल सकता है। डॉ. सुधीर कुमार ने अपनी एक्स पोस्ट में विशेष रूप से दिल, दिमाग और किडनी पर इसके संभावित प्रभावों की ओर ध्यान दिलाया है।
अनियंत्रित हाइपरटेंशन आगे चलकर हृदयाघात (Heart Attack) और स्ट्रोक (Stroke) जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा हो सकता है, इसलिए BP की निगरानी केवल बीमारी का पता चलने के बाद ही नहीं, बल्कि उसके पहले भी महत्वपूर्ण है।
यदि हाइपरटेंशन नहीं है तो भी क्यों करें BP की जांच?
डॉ. सुधीर कुमार की सलाह केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जिन्हें पहले से हाइपरटेंशन है।
अगर किसी व्यक्ति को हाई BP की समस्या नहीं है, तो नियमित जांच से शुरुआती अवस्था में रक्तचाप बढ़ने का पता चल सकता है। दूसरी ओर, जो लोग पहले से BP की दवा लेते हैं, उनके लिए नियमित मॉनिटरिंग यह समझने में मदद करती है कि उपचार प्रभावी ढंग से काम कर रहा है या नहीं।
घर पर BP मॉनिटर रखना क्यों उपयोगी है?
डॉ. सुधीर कुमार ने घर पर इस्तेमाल के लिए BP मॉनिटर रखने की सलाह दी है। इससे व्यक्ति नियमित अंतराल पर अपने रक्तचाप की निगरानी कर सकता है और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक के साथ इन रीडिंग्स पर चर्चा कर सकता है।
हालांकि, किसी एक BP रीडिंग के आधार पर स्वयं दवा शुरू करना, बंद करना या उसकी मात्रा बदलना उचित नहीं है। लगातार असामान्य रीडिंग आने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
सामान्य BP बनाए रखना क्यों आवश्यक है?
रक्तचाप को चिकित्सक द्वारा निर्धारित लक्ष्य सीमा में रखना हृदय और मस्तिष्क से जुड़े गंभीर जोखिमों को कम करने की महत्वपूर्ण रणनीति है। डॉ. सुधीर कुमार के संदेश का केंद्रीय बिंदु यही है कि लक्षणों का इंतजार करने के बजाय ब्लड प्रेशर की नियमित जांच को स्वास्थ्य देखभाल की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।
निष्कर्ष
हाई BP की समस्या का सबसे खतरनाक पहलू यह हो सकता है कि व्यक्ति को इसके बारे में पता ही न चले। इसलिए “मुझे कोई लक्षण नहीं हैं” का अर्थ यह कतई नहीं है कि BP सामान्य है। नियमित रक्तचाप जांच, चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक होने पर उचित उपचार हाइपरटेंशन से जुड़े भविष्य के स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


